
काशीपुर। गन्ना उत्पादन की तकनीक, प्रजातियों के चयन, रोग एवं कीट नियंत्रण के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए कुंडेश्वरी में गोष्ठी हुई।
गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र की ओर से शुक्रवार को काश्तकार रणधीर सिंह के आवास पर कृषक गोष्टी का हुआ आयोजन हुआ। गोष्टी को संबोधित करते हुए गन्ना विभाग के प्रचार एवं जनसंपर्क अधिकारी नीलेश कुमार ने किसानों को गन्ना बुवाई के टिप्स दिए। कहा कि किसान उत्तम बीज का चुनाव करें। प्रत्येक गन्ना कृषक अपनी खेत का निरीक्षण करें तथा जो भी बीमारी के लक्षण उसमें पाए जाए उसका फोटो लेकर गन्ना शोध केंद्र के वैज्ञानिकों से सलाह लें। गन्ना अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर संजय सिंह ने अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वर्तमान में अगेती प्रजाति को पंत 12221, को शा 17231 , 13235,19331, सामान्य प्रजाति 12226 व 132224 के बारे में बताया। उन्होंने भूमि की जांच के बाद खेत और बीज के ट्रीटमेंट के बारे में भी जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉक्टर सिद्धार्थ कश्यप ने कीट प्रबंधन के बारे जानकारी दी। कहा कि भूमि में 16 प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन पोषक तत्वों को बनाए रखने के लिए जैविक खादों का उपयोग करें। उन्होंने फंगस, दीमक जैसी बीमारियों तथा उसमें प्रयोग की जाने वाली दवाईयां तथा उनको गन्ने की वैज्ञानिक विधि के बारे में भी जानकारी दी। बाजपुर चीनी मिल के सीसीओ अरुण सेमवाल ने गन्ना आपूर्ति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही नए पेराई सत्र की घोषणा कर दी जाएगी। वहां एससीडीआई बीरेंद्र चौधरी, सीडीआई राकेश सिंह, सचिव सुरेन्द्र सिंह, गन्ना पर्यवेक्षक अनवर हुसैन व उस्मान अली के अलावा गन्ना काश्तकार आरडी खान, समरपाल चीमा, ओमपाल चौधरी, आरडी सिंह, ओमपाल चौधरी, गजेंद्र चौधरी, पान सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।


