
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बनभूलपुरा हिंसा के दौरान गोली लगने से फईम की मौत के मामले में बनभूलपुरा थाने में तैनात इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी का तबादला जिले से बाहर करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही मामले में एसआईटी से जांच कराने के निर्देश दिये हैं।
मामला 8 फरवरी को बनभूलपुरा में हुई हिंसा से जुड़ा है। इसमें गांधीनगर बनभूलपुरा निवासी फईम की मौत हो गयी थी। मृतक के भाई परवेज ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत हिंसा में नहीं बल्कि उसके आधा दर्जन से अधिक पड़ोसियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
कहा, इस साजिश में हत्यारोपी का बेटा, उसके परिवार व अन्य लोग शामिल हैं। घटना के दिन मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ घर के बाहर एकत्र हुए और उनके वाहनों को आग लगा दी। जब फईम ने उसका विरोध किया तो पड़ोसी ने गोली मार दी। आरोपियों पर इस बीच घर में घुसकर सामान लूटा। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। इस प्रकरण में दायर याचिका पर सुनवाई कर मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ती आलोक मेहरा की खण्डपीठ ने मामले की जाँच के दौरान इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी का जिले से बाहर तबादला करने को कहा है। पूर्व में न्यायालय ने सख्त लहज़े में कहा कि जिम्मेदार अधिकारी खुद इस मामले की जाँच कर रहा है और अंतिम रिपोर्ट भी खुद ही पेश कर रहा है। यह अपने आप में एक अनोखी जांच की जा रही है। जबकि आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोप लगे हुए हैं।


