काशीपुर। प्रथम एडीजे कोर्ट ने दहेज हत्या के केस में आरोपी पति को दोषमुक्त कर दिया।अलबत्ता अदालत ने उसे पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का कसूरवार माना। कोर्ट ने उसे जेल में बिताई अवधि के साथ ही जुर्माने की भी सजा सुनाई है।
ग्राम गोबरा थाना बाजपुर निवासी दर्शन सिंह ने 23 जुलाई,2020 को जसपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन कुलवन्त कौर उर्फ कोडी की शादी चार माह पूर्व राजू पुत्र गुरनाम सिह निवासी ग्राम गढी हुसैन थाना जसपुर के साथ हुई थी। परिवार ने हैसियत अनुसार दान दहेज दिया था लेकिन शादी के कुछ दिन बाद से उक्त राजू ने उससे पैसे की मागें शुरु का दी। पैसे नही देने पर वह उसकी बहन को जान से खत्म करने की धमकी देता था। राजू की माता बन्सी कौर व उसकी पहली पत्नि पूजा और राजू के दोस्त गुरमुख सिंह पुत्र कश्मीर सिंह निवासी ग्राम रम्पुरा ने 50 हजार रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। 22 जुलाई 2020 को लगभग 11-12 बजे दिन मे प्रार्थी की बहन ने बताया कि रकम नहीं देने पर ससुराली उसे जान से खत्म करने की धमकी दे रहे है। 23.जुलाई 2020 को समय सुबह करीब 7 बजे ग्राम नया टाण्डा थाना जसपुर निवासी कश्मीरो कौर पत्नी मुख्तयार सिंह ने फोन कर बताया कि तुम्हारी बहन मर गयी है । वो लोग ग्राम गढीहुसैन आये तो देखा कि मेरी बहन घर के बरामदे में चारपाई पर मरी पड़ी थी। तहरीर पर पुलिस ने राजू व उसकी माता बन्सो कोर, पहली पत्नी पूजा एवं गुरमुख सिंह पुत्र कश्मीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी पति राजू के खिलाफ कोर्ट में दहेज हत्या के आरोप में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। आरोपी राजू तभी से जेल में है। केस का ट्रायल प्रथम एडीजे की अदालत में हुआ। अभियोजन व बचाव पक्ष के साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपी राजू को दहेज हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। एडीजे मनोज गर्व्याल ने आरोपी को पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और घरेलू हिंसा करने का कसूरवार माना। आरोपी को जेल में बिताई गई अवधि के अलावा 5 व 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी रतन सिंह कांबोज ने की।


