
काशीपुर। नगर निगम के अभिलेखों के आधार पर अब संपत्तियों की बैनामे नहीं हो सकेंगे। जिलाधिकारी ने उपनिबंधक को केवल खतौनियों के आधार ही दस्तावेजों का पंजीकरण करने के आदेश दिए हैं।
इसे लेकर अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उप निबंधक से मिला। उन्होंने ज्ञापन देकर विलेखों का पंजीकरण पूर्व की भांति किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि निगम क्षेत्र की भूमि आबादी में आती है। इन संपत्तियों का दाखिल खारिज निगम के कार्यालयों में ही होता है। खतौनिया न होने के कारण शहरी क्षेत्र की संपत्तियों का रिकॉर्ड तहसील में उपलब्ध नहीं हो पाता। इस स्थिति में निगम क्षेत्र की संपत्तियों की रजिस्ट्रियां नहीं हो पाएगी। अधिवक्ताओं ने हाउस टैक्स के आधार पर संपत्तियों की रजिस्ट्रियां करने की मांग रखी। साथ ही कहा कि जिन नंबरों की रजिस्ट्रियां विकास प्राधिकरण की आपत्ति पर रोकी गई है। उन नंबरों की रजिस्ट्रियां भी की जाएं। क्योंकि इन नंबरों की रजिस्ट्रियों पर अदालत की कोई रोक नहीं है।


