

काशीपुर। एकतरफा फैसले लेने के पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा के आरोपों पर महापौर ने आक्रामक रुख अपना लिया है। शुरू हुई इस रार के पीछे काशीपुर सीट बताई जा रही हैं। जिसे लेकर दोनों गुटों के बीच शीत युद्ध तेज होने के आसार दिख रहे हैं। पार्षदों और अन्य संगठनों के समर्थन से उत्साहित महापौर अपने मुद्दों को लेकर लोगों के बीच उतर गए हैं। उनके समर्थक पूर्व विधायक और विधायक से 24 साल का हिसाब मांग रहे हैं। ऐसे में विधायक ने अपने फेसबुक पेज पर विकास कार्यों का उल्लेख करना शुरू कर दिया है।
नगरनिगम चुनाव में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा पार्टी प्रत्याशी दीपक बाली के साथ साथ दिखे। सीएम पुष्कर सिंह धामी के वरदहस्त के चलते चुनाव जीतने के बाद बाली ने जिस तेजी से काम शुरू किए। उससे विधायक समेत काशीपुर के अन्य भाजपा नेताओं की वक़्त कम होने लगी। चर्चा है कि महापौर ने एक एक वार्ड में 4 से लेकर आठ करोड़ तक के काम निकलवा दिए। इससे भाजपा के पार्षदों के साथ ही कांग्रेस के पार्षद भी बाली से प्रभावित नजर आ रहे हैं। पूर्व विधायक चीमा के आरोपों के खिलाफ पार्षदगण जब महापौर के समर्थन में जुटे। तब कांग्रेस के पार्षद भी अपनी पार्टी के निर्देशों की परवाह किए बगैर महापौर को समर्थन देने जा पहुंचे। उनका तर्क था कि वार्डों में काम कराना है तो महापौर के साथ अच्छे संबंध जरूरी हैं। शनिवार को महापौर के समर्थन में जुटे लोगों ने चीमा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए लोगों से माफी मांगने की मांग तक कर डाली। लगे हाथों पिता पुत्र से 25 सालों का हिसाब तक मांगा गया। सूत्र बताते हैं कि यह प्रकरण सीएम धामी के दरबार तक पहुंच गया है। इस छीछालेदर को लेकर सीएम भी नाराज बताए जा रहे हैं। गत दिवस नैनीताल जनपद में आगमन पर सीएम धामी ने काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा से फूल तो पकड़ लिया,लेकिन उनसे निगाह तक नहीं मिलाई। इस लड़ाई में विधायक के राजनैतिक वजूद पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उनके सामने आर पार की लड़ाई का ही रास्ता बचा है। वहीं महापौर भी अपने भविष्य को लेकर आक्रामक है। महापौर बाली ने पद से इस्तीफा की पेशकश कर सहानुभूति कार्ड खेला है। दोनों गुटों के बीच चल रही रस्साकसी से उनके राजनैतिक भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।


