काशीपुर। पेराई सत्र शुरू होने के तीन सप्ताह बाद भी बाजपुर चीनी मिल प्रशासन ने किसानों को एक धेले का भी भुगतान नहीं किया है। जबकि जसपुर की नादेही समेत राज्य की अन्य चीनी मिले किसानों को 167.74 करोड़ रुपए गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। भुगतान न होने के कारण बाजपुर मिल क्षेत्र का गन्ना निजी क्रशरों को सप्लाई हो रहा है।
उत्तराखंड की आठ चीनी मिलों में गन्ना पेराई चल रही है। ये मिले 85. 74 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। जिले में जसपुर मिल 4.31 और बाजपुर चीनी मिल 3.15 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। जसपुर मिल गन्ना काश्तकारों को 9.75 करोड़ रुपए गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। जबकि बाजपुर चीनी मिल ने एक रूपये का भी भुगतान नहीं किया है। किच्छा चीनी मिल 13.54 करोड़ और सितारगंज चीनी मिल 36.17 करोड़ रुपए गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। भुगतान में देरी और गन्ना आपूर्ति में व्यवधान के कारण किसान अपना गन्ना जसपुर और दढ़ियाल के क्रशरों पर 400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से नकद बेच रहे हैं। इस स्थिति में बाजपुर चीनी मिल को गन्ने की कमी से जूझना पड़ सकता है।


