काशीपुर। किसान विकास क्लब (उत्तराखंड) की मासिक बैठक अनाज मंडी काशीपुर के गेस्ट हाउस में क्लब के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
संचालन क्लब के सचिव श्वेतांशु चतुर्वेदी ने किया।
बैठक में किसानों ने कि बंद हो चुकी काशीपुर चीनी मिल का किसानों का सन 2012 का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान आज तक नहीं हो पाया है जो
कि कोर्ट में केस चल रहा है। जिसमें किसानों का कहना है कि हमने तो सरकारी गन्ना समिति के माध्यम से चीनी मिल को गन्ना दिया था न की डायरेक्ट चीनी मिल को। इस लिए सरकार के द्वारा किसी मद से किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान शीघ्र किया जाना चाहिए। किसानों ने कहा कि इसमें हमारी क्या गलती है।
कुछ किसानों की तो भुगतान का इंतजार करते करते मृत्यु भी हो चुकी है।
किसानों द्वारा सरकारी क्रय केंद्रों को जो अपना धान तुलवाया गया था उनमें से बहुत किसानों का मूल्य भुगतान अभी तक भी नहीं मिल पाया है। कृपया इसका मूल्य भुगतान शीघ्र ही कराया जाए।
किसानों ने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न पौधालयों जो कि जिला नैनीताल एवं उधम सिंह नगर में स्थापित है। उक्त पौधालयों द्वारा विभाग ने वर्ष 2024 एवं 2025 में विभिन्न प्रकार के पौधे क्रय किए थे, किंतु 2 वर्ष के बाद भी पौधों का भुगतान किसानों को नहीं दिया गया। अतः ऐसे किसानों का मूल्य भुगतान शीघ्र ही सरकार को कराना चाहिए।
बैठक में किसानों कहा कि खेतों की सिंचाई के लिए केंद्र सरकार द्वारा ईंटों की नाली छूट पर बनवाई जाती हैं जो कि कुछ ही दिनों में टूट जाती है। वह कामयाब नहीं होती है। पानी भी बर्बाद होता है। कुछ किसान इसकी जगह 6 इंच की पीवीसी पाइपलाइन जो कि लगभग 3 फीट जमीन में दबाकर सिंचाई करते हैं।
इसमें किसानों की मांग है कि सिंचाई के लिए किसानों को उक्त 6 इंच की पाइप लाइन पर छूट दी जाय जिससे पानी की बचत की जा सके।
– किसानों ने एक मत होकर कहा कि यू0पी0 एवं पंजाब की तर्ज पर खेतों में सिंचाई के लिए किसानों के ट्यूबैलो को बिजली निशुल्क दी जानी चाहिए।
क्योंकि हमारा उत्तराखंड तो वैसे भी ऊर्जा प्रदेश है।
इस मौके पर मुख्य रूप से 
पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि कुमार, टीका सिंह सैनी, मीडिया प्रमुख सुरेश शर्मा, सुभाष शर्मा,उपेंद्र शर्मा, चौ0 सत्यपाल सिंह, लक्ष्मी कांत शर्मा, सुभाष चौ0,अपूर्व मेहरोत्रा, अनुज शर्मा, रवि छाबड़ा, नरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।





