चेक बाउंस के आरोपी को एक माह की सजा, ढाई लाख का जुर्माना

काशीपुर। चेक बाउंस के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट/ तृतीय एसीजे की अदालत ने आरोपी को एक माह के कारावास व 2.50 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
सिल्वर स्टेट कालोनी निवासी भोला सिंह पुत्र सौराज सिंह ने अपने अधिवक्ता धर्मेंद्र तुली एडवोकेट के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय एसीजे की अदालत में परिवाद दायर किया था कि सैनिक कालोनी निवासी सरजीत सिंह पुत्र साधु सिंह से उसकी जान पहचान थी। उसने अपनी जरूरत बताते हुए उससे मई, 2021 से जुलाई 2021 के बीच कुल 2.15 लाख रुपए उधार लिए थे। तकादा करने पर उसने सितंबर,2021 में 2.15 लाख रुपए की राशि का एक चेक दिया। जो कि खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। परिवाद पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी को कोर्ट में तलब किया। आरोपी ने अपनी सफाई में कहा कि उसने कुल 15 हजार रुपए का चेक ही परिवादी को दिया था। उसने कूट रचना कर चेक में दो लाख रुपए की रकम बढ़ा ली। बचाव पक्ष के अधिवक्ता धर्मेंद्र तुली ने उसके कथन की आधारहीन बताया। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट/तृतीय एसीजे सृष्टि बनयाल ने आरोपी सरजीत को एनआई एक्ट का दोषी पाया। अदालत ने उसे एक माह के साधारण कारावास और 2.50 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

  • आरडी खान

    आरडी खान

    प्रधान संपादक 8077326105

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    बैठक में किसानों ने कि बंद हो चुकी काशीपुर चीनी मिल का किसानों का सन 2012 का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान आज तक नहीं हो पाया है जो कि कोर्ट में केस चल रहा है। जिसमें किसानों का कहना है कि हमने तो सरकारी गन्ना समिति के माध्यम से चीनी मिल को गन्ना दिया था न की डायरेक्ट चीनी मिल को। इस लिए सरकार के द्वारा किसी मद से किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान शीघ्र किया जाना चाहिए। किसानों ने कहा कि इसमें हमारी क्या गलती है।
    कुछ किसानों की तो भुगतान का इंतजार करते करते मृत्यु भी हो चुकी है।
    किसानों द्वारा सरकारी क्रय केंद्रों को जो अपना धान तुलवाया गया था उनमें से बहुत किसानों का मूल्य भुगतान अभी तक भी नहीं मिल पाया है। कृपया इसका मूल्य भुगतान शीघ्र ही कराया जाए।
    किसानों ने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न पौधालयों जो कि जिला नैनीताल एवं उधम सिंह नगर में स्थापित है। उक्त पौधालयों द्वारा विभाग ने वर्ष 2024 एवं 2025 में विभिन्न प्रकार के पौधे क्रय किए थे, किंतु 2 वर्ष के बाद भी पौधों का भुगतान किसानों को नहीं दिया गया। अतः ऐसे किसानों का मूल्य भुगतान शीघ्र ही सरकार को कराना चाहिए।
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    इसमें किसानों की मांग है कि सिंचाई के लिए किसानों को उक्त 6 इंच की पाइप लाइन पर छूट दी जाय जिससे पानी की बचत की जा सके।
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