क्या गुड़िया जैसी धाक बरकरार रख पाएंगे दीपक बाली??. वर्चस्व की राजनीति के चक्रव्यूह को कैसे तोड़ेंगे महापौर


आरडी खान
काशीपुर। काशीपुर की राजनीति के पुरोधा रहे सत्येंद्र चंद्र गुड़िया चार दशक तक निर्विवाद और एकछत्र नेता रहे। किसी में भी इतनी जुर्रत नहीं थी कि उनके किसी भी कथन का प्रतिवाद कर सके। चुनाव जीतने के बाद महापौर दीपक बाली भी उसी रौं में दिख रहे हैं। लेकिन उनका वर्चस्व पार्टी के दूसरे नेता सहन नहीं कर पा रहे है। चार माह के अंतराल में ही बाली उनके निशाने पर आ गए हैं।
पूर्व सांसद सत्येंद्र चंद्र गुड़िया का अपने दौर में यूपी और उत्तराखंड की राजनीति में जबरदस्त जलवा था। यह उनकी शख्शियत ही थी कि देरी से आने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री तक को सार्वजनिक रूप से उनके कोप का शिकार होना पड़ा था। व्यवहार में उनका वचन अकाट्य था। सीएम पुष्कर सिंह धामी से अति निकटता के चलते महापौर दीपक बाली भी स्व. गुड़िया की कार्यशैली की झलक देखी जा रही है। बाली के प्रभाव से अफसर उनकी दहलीज पर भी ड्यूटी बजा रहे हैं। उनका हर हुकूम अधिकारियों के सर माथे है। ताबड़तोड़ एक्शन से बाली को छाया सीएम तक कहा जाने लगा है। चर्चा है कि सीएम धामी ने काशीपुर की सीट अपने लिए लॉक कर दी है। फील्ड तैयार करने के लिए बाली को विकास कार्य कराने की खुली छूट दे दी है। बाली अपने संबंधों के बूते सीएम से करोड़ों रुपए की योजनाएं काशीपुर के लिए ले चुके है। काशीपुर सीट पर नो एंट्री के बोर्ड से मौजूदा विधायक समेत अन्य दावेदारों में बैचेनी है। शुरुवाती चार महीनों में नई दुल्हन की तरह भाजपा नेताओं ने महापौर बाली का खूब स्वागत सत्कार किया। लेकिन अब बाली की अति सक्रियता उन्हें खलने लगी है। पार्टी के नेता विकास के मुद्दे पर भले ही बाली का विरोध नहीं कर पा रहे हो, लेकिन नीतिगत फैसलों को लेकर उनका विरोध शुरू हो गया है। वर्चस्व की लड़ाई में राजनीति का समीकरण मेयर चुनाव से पूर्व का बनने लगा है। बाली पर संगठन को भरोसे में न लेने की तोहमत लगाकर नेता उन्हें घेरने में जुट गए है। ऐसे नेताओं का कहना है कि दीपक बाली आरएसएस की पृष्ठ भूमि से न होने के कारण संगठन की रीति नीति से वाकिफ नहीं है। जबकि सरकार के साथ ही संगठन से भी रिश्ते बेहतर होना जरूरी है। जबकि बाली का कहना है कि वो वृहद हित में काम करते है। व्यक्तिगत हितों को वो ज्यादा तरजीह नहीं देते।
एक बात तो साफ है कि अगर पार्टी के भीतर महापौर दीपक बाली का विरोध तेज होता है तो इससे गुटबाजी बढ़ेगी। ऐसे में काशीपुर सीट से सीएम धामी के चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर ग्रहण लग सकता है।

महापौर के एक्शन पर पूर्व विधायक का रिएक्शन. कहा, तस्वीर बदलने से नहीं बदलती तकदीर

काशीपुर। महापौर के एकतरफा ताबड़तोड़ फैसलों से भाजपा नेताओं का अस्तित्व संकट में आ गया है। ऐसे में अब भाजपा नेताओं का धैर्य चूकने लगा है। वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर प्रेस से रु ब रु हुए पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने महापौर दीपक बाली की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया। कहा कि शहर की तस्वीर बदल देने से तकदीर नहीं बदलती। इसके लिए सामूहिक विमर्श से फैसले लेने होते हैं।
पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि शासन स्तर पर होने वाले फैसलों में मेयर बाली दखल दे रहे हैं। शहर के चौराहों के पौराणिक नाम बदलने का उनका प्रयास आम लोगों के गले नहीं उतर रहा है। पुरानी पहचान को बिना कारण मिटाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। कहा कि जब शासन से नाम बदलने के प्रस्ताव अनुमोदित नहीं हुए तो अफसरों की फौज के साथ इन स्थलों
का भ्रमण करने का क्या आौचित्य है। कहा कि विकास समेत अन्य जरूरी मसलों में मेयर शहर के विधायक से भी मशविरा करना जरूरी नहीं समझते। विदित हो कि महापौर ने चीमा चौराहे समेत कई स्थलों के नाम बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। कहा जा रहा है कि इसके लिए मेयर ने भाजपा नेता और संगठन को विश्वास में नहीं लिया। बगल में बैठे राम मेहरोत्रा, खिलेंद्र चौधरी और गुरविंदर सिंह चंडोक की और इशारा कर पूर्व विधायक चीमा ने कहा कि सरकार और संगठन के प्रतिनिधि यहां बैठे हैं। इन्हीं से पूछ लीजिए कि मेयर साहब ने उनसे किसी मसले में कभी कोई राय ली है। तंजिया लहजे में कहा कि इर्द गिर्द परिक्रमा करने वाले कुछ लोगों को जनता का नाम देना सही नहीं है। कहा कि वह मेयर के एकतरफा निर्णयों से सहमत नहीं है। पूछने पर कि क्या वो सीएम से इस बाबत बात करेंगे। पूर्व विधायक बोले उन्होंने प्रेस में अपनी बात कह दी हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर निकाली सिंदूर यात्रा


महुआखेड़ागंज। विधानसभा बाजपुर मंडल महुआ खेड़ा गंज के शक्ति केंद्र धीमरखेड़ा निवर्तमान मंडल अध्यक्ष संजीव कुमार की अध्यक्षता में बूथ संख्या 139 जोशी मंझरा बूथ संख्या 138 धीमरखेड़ा,बूथ संख्या 137 पार का मंजरा धीमरखेड़ा मे आयोजित ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में भारतीय सेना के अद्धितीय पराक्रम और साहस को सम्मानित करने तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से’तिरंगा यात्रा’निवर्तमान मंडल अध्यक्ष संजीव कुमार की अध्यक्षता निकाली गई।
मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील शर्मा जी व आवास विकास मंडल के महामंत्री रिंकी पोंटिंग पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमारा देश बहुत आगे जा रहा है दो लेडिस महिलाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाया और पाकिस्तान में जाकर के आतंकवाद खत्म करने का काम किया है। निवर्तमान मंडल अध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर तिरंगा यात्रा में पहुंचे महुआखेड़ा गंज मंडल के 252 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और इस तिरंगा रेली को सफल बनाया मैं सभी कार्यकर्ताओं का दिल से धन्यवाद करता हूं इस सफल तिरंगा यात्रा में लगे महुआ खेड़ा गंज मंडल के पूर्व युवा मंडल महामंत्री पुनीत गौतम जी अल्पसंख्यक मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष हाजी साबिर जी पूर्व मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार भाजपा कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह,
भाजपा कार्यकर्ता निहाल सिंह जी मंडल के मंत्री आनंद कुमार, भाजपा कार्यकर्ता फरजान जी अजीम अहमद जी मोमिन अहमद जी अंकुर कुमार शिव चैनवाल शिव कौशल नीतीश कुमार अजय कुमार रईस अहमद व अनेक भारी संख्या कार्यकर्ताओं ने भाग लिया

दुर्घटना वाद में मृतका के माता पिता को 12.79 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति के आदेश. द्वितीय एडीजे एमएसीटी की अदालत ने सुनाया फैसला

काशीपुर। द्वितीय एडीजे एमएसीटी की अदालत ने सड़क हादसे में एक युवती की मौत के मामले में वाहन के बीमित होने पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को 12.79 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति देने के आदेश दिया है। बीमा कंपनी को यह रकम मृतका के आश्रित माता पिता को 6 फीसद ब्याज की दर से देनी होगी।
ग्राम रघुवाला तहसील ठाकुरद्वारा मुरादाबाद निवासी रागिब हुसैन व उसकी पत्नी नाजरा ने अपने अधिवक्ता अफसर अली खान के माध्यम से द्वितीय एडीजे एमएसीटी की अदालत में परिवाद दायर किया था और 28 अप्रैल 2023 को वह अपनी पुत्री कु अक्शा नूर को लेकर मौ .शहजाद के साथ उसकी मोटरसाईकिल से अपने घर आ रही थी। जैसे ही
उनकी मोटरसाईकिल जसपुर ठाकुरद्वारा मार्ग पर परिणय वाटिका के पास पहुॅंची तभी कार संख्या-यूके-18डी-5831 के चालक ने अपनी कार को तेजी व लापरवाही से चलाते हुए मोटरसाईकिल में टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार तीनों लोगों को गम्भीर चोटें आयी। घायलों को सरकारी अस्पताल,जसपुर ले जाया गया। जहाॅं डॉक्टरों ने अक्शा को मृत घोषित कर दिया। याचिका में कार स्वामी, चालक व बीमा कम्पनी को पक्षकार बनाया गया था। वाहन बीमित होने के कारण अदालत ने बीमा कम्पनी को प्रतिपूर्ति के लिए जिम्मेदार ठहराया। द्वितीय एडीजे एमएसीटी रीतेश कुमार श्रीवास्तव ने बीमा कम्पनी को मृतका के माता पिता को 12.79 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति का भुगतान 6 फीसद ब्याज की दर से करने के आदेश दिए हैं।

मूर्धन्य पत्रकार विकास धूलिया का निधन, शोक संवेदनाओं का तांता


देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं दैनिक जागरण के स्टेट हेड विकास धूलिया का सोमवार की सुबह आकस्मिक निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे।
मूलतः कोटद्वार निवासी विकास पिछले तीन दशक से दैनिक जागरण से जुड़े थे। राजनीति की खबरों में उन्हें महारत हासिल थी। सोमवार सुबह अचानक तबियत बिगड़ने के बाद विकास धूलिया को महंत इंद्रेश अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे अपने पीछे पत्नी,पुत्र-पुत्री व वृद्ध बीमार मां को छोड़ गए।सोमवार की दोपहर 3 बजे हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। सूचना आयुक्त योगेश भट्ट,कुशल कोठियाल, पूर्व सूचना आयुक्त प्रभात डबराल, सचिव धीराज गर्ब्याल,एसएसपी परमेन्द्र डोभाल, एसपी पंकज गैरोला समेत पत्रकार संगठनो ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।

सीएम पुष्कर सिंह धामी व स्पीकर ऋतु खण्डूड़ी ने स्वर्गीय पत्रकार विकास धूलिया के आवास पर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने भी वरिष्ठ पत्रकार विकास धूलिया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। कहा कि सरकार ने दिवंगत धूलिया के दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने का फैसला किया है। उत्तराखंड करंट के प्रधान संपादक आरडी खान समेत अन्य पत्रकारों ने स्व. धूलिया के निधन पर शोक जताया है।

फिट इंडिया अभियान के तहत निकली साइकिल रैली, बच्चों ने दिखाया उत्साह

काशीपुर। फिट इंडिया मूवमेंट के तहत रविवार को भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से भव्य साइकिल रैली निकाली गई। साथ ही विश्व साइकिल दिवस भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रैली में 100 से अधिक बच्चों ने भाग लेकर फिट रहने का संदेश दिया। रैली का शुभारंभ कोच रमेश खर्कवाल ने हरी झंडी दिखाकर किया। यह रैली स्पोर्ट्स स्टेडियम से शुरू होकर पॉलिटेक्निक रोड तक निकाली गई। पूरे मार्ग में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया और “स्वस्थ शरीर, सशक्त भारत” के नारे लगाए। इस अवसर पर केंद्र प्रभारी व इंटरनेशनल बॉक्सिंग कोच मुकेश चंद्र बेलवाल ने सभी प्रतिभागियों को नियमित व्यायाम और साइकिलिंग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही बेहतर भविष्य की नींव है। उन्होंने बच्चों को फिट इंडिया मिशन से जुड़ने और जीवन में खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। रैली के सफल आयोजन से प्रतिभागियों में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में एथलेटिक्स कोच ओमप्रकाश, संदीप सिंह, भारोत्तोलन कोच पवन शर्मा, बॉक्सिंग कोच वरुण शर्मा, और सिकंदर पटेल समेत कई खेल प्रशिक्षक मौजूद रहे।

मृतका आश्रित पति व पुत्र को 7.29 लाख की प्रतिपूर्ति के आदेश. एमएसीटी की अदालत ने बीमा कम्पनी को दिए भुगतान के आदेश

काशीपुर। सड़क हादसे में एक महिला की मौत के मामले में द्वितीय एडीजे एमएसीटी की अदालत ने नेशनल इंश्योरेंस बीमा कम्पनी को मृतका आश्रित पति व पुत्र को 7.29 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं।
रमपुरा, कृष्णा कालोनी निवासी मनोरथ लखचौरा ने आईटीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 फरवरी,2023 को वह अपनी पत्नी लीलादेवी के साथ अपनी स्कूटी संख्या यू0के0-18 ई-3684 से केन्द्रीय विद्यालय बाजपुर रोड जा रहे थे। दोपहर करीब सवा 12 बजे आईजीएल तिराहे से करीब 100 मीटर पहले ग्राम हेमपुर इस्माईल पर पहुॅंचे। पीछे से एक सीएनजी गैस केन्टर संख्या- यू0के0-06 सी0बी0-6035 के चालक ने उनकी स्कूटी में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में उसकी पत्नी लीलादेवी बुरी तरह घायल हो गई। घायल लीलादेवी को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल रैफर कर दिया, जहाॅं ईलाज के दौरान लीलादेवी की मृत्यु हो गई। इस मामले में अधिवक्ता समर्थ विक्रम ने वाहन स्वामी, चालक के अलावा बीमा कम्पनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ प्रतिपूर्ति के लिए परिवाद प्रस्तुत किया। वाहन 16 अगस्त, 2023 तक बीमित होना पाया गया। परिवाद पर सुनवाई कर द्वितीय एडीजे एमएसीटी रीतेश कुमार श्रीवास्तव ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को परिवादी मनोरथ लखचौरा व उसके पुत्र प्रकाश लखचौरा को 7 लाख 28 हजार,808 रुपए की प्रतिपूर्ति देने के आदेश दिए है। बीमा कम्पनी को इस राशि पर छह फीसद का ब्याज भी देना होगा।

किसानों को दी गई नवीनतम तकनीक की जानकारी.कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों के लिए अनुसंधान कार्यक्रम आयोजित

काशीपुर। विकासखंड काशीपुर के खड़कपुर देवीपुरा न्याय पंचायत के ग्राम महतावन, कनकपुर व मानपुर में रविवार को कृषि संकल्प अभियान के तहत अनुसंधान किसानों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय किसानों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों के साथ-साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन व रेशम उद्योग में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों से किसानों को अवगत कराना रहा। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र काशीपुर से पधारे वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने गन्ने की नवीन प्रजातियों, कीट रोकथाम और बीमारियों से बचाव की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. कल्याण सिंह ने फसल बीमा, प्राकृतिक व परंपरागत खेती, कृषि यंत्रीकरण तथा मृदा स्वास्थ्य योजना के तहत सैंपलिंग व मृदा कार्ड से संबंधित जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि कृषि में आय कैसे बढ़ाई जा सकती है, इस पर भी किसानों को मार्गदर्शन दिया गया। इस अवसर पर विकासखंड प्रभारी लियाकत अली, उद्यान अधिकारी केएल सागर, जेष्ठ गन्ना निरीक्षक राकेश कुमार समेत न्याय पंचायत प्रभारी व कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

महापौर के प्रयासों से खींच दी गई तीन साल से लटकी लाइन. कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं हो पा रही थी लॉपिंग चॉपिंग

काशीपुर। महापौर दीपक बाली के प्रयासों से अब काशीपुर को निर्बाध बिजली मिल सकेगी। उनकी पहल पर बिजली विभाग ने पुलिस की मदद से बाजपुर रोड बिजली घर से पार्क रोड स्थित 20 नंबर बिजली घर तक लाइन खींचने का कार्य पूर्ण कर लिया है।
पिछले तीन वर्षों से 132 केवीए लाइन से जुड़ा ट्रांसफार्मर सिर्फ इसलिए निष्क्रिय पड़ा था क्योंकि बाजपुर रोड स्थित बिजली घर से पार्क रोड तक लाइन नहीं खींच पा रही थी। विभागीय अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल इसके लिए कोर्ट से आदेश ले चुके थे। कोर्ट ने लाइन की लॉपिंग चॉपिंग के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद मामला लटका हुआ था। ऐसे में आवास विकास, पटेल नगर और शहर के बड़े हिस्से को बिजली संकट झेलना पड़ रहा था। ओवरलोडिंग और रोस्टिंग आम हो गई थी। केडीएफ के अध्यक्ष राजीव घई ने यह प्रकरण महापौर दीपक बाली के समक्ष रखा। उनके प्रयास और समन्वय से पुलिस की मौजूदगी में लाइन का कार्य पूर्ण कर लिया गया। इस दौरान टीम को आंशिक विरोध का सामना करना पड़ा। केडीएफ के अध्यक्ष राजीव घई ने इसके लिए महापौर दीपक बाली का आभार व्यक्त किया है।

पत्रकारिता दिवस की शाम रही पत्रकारों के नाम.. काशीपुर मीडिया सेंटर ने किया सम्मानित


काशीपुर। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर काशीपुर मीडिया सेंटर द्वारा आयोजित ‘एक शाम पत्रकारों के नाम’ कार्यक्रम भव्यता और भावनात्मकता का प्रतीक बनकर उभरा। कुंडेश्वरी रोड स्थित एक रिसाॅर्ट में आयोजित उक्त कार्यक्रम न केवल सफल रहा, बल्कि पत्रकारों की गरिमा और एकता को एक नई पहचान देने वाला साबित हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मीडिया सेंटर के अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह सेठी ने की। उन्होंने और अन्य पदाधिकारियों ने जिस सूझबूझ, समर्पण और सादगी से इस आयोजन को सजाया, वह अविस्मरणीय रहा। कार्यक्रम में अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह उपर्फ विक्टर सेठी ने काशीपुर के तमाम पत्रकारों को एक सूत्र में पिरोते हुए जो मंच तैयार किया, वह पत्रकारों के मान-सम्मान और आत्मगौरव का सशक्त प्रतीक बना। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से वरिष्ठ पत्रकार आरडी खान व रफी खान ने किया। इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर दीपक बाली, एसडीएम अभय सिंह, एसपी अभय सिंह, भाजपा नेता व पार्षद गुरविंदर सिंह चंडोक, प्रदेश महामंत्री खिलेंद्र चौधरी, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरूण शर्मा आदि ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सभी ने मंच से पत्राकारिता के महत्व, उसकी चुनौतियों और समाज में उसके दायित्वों पर अपने विचार साझा किए। महापौर दीपक बाली, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने अपने संबोधन में काशीपुर के पत्रकारों की जमकर सराहना की। देहरादून से आये उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष अरूण शर्मा ने आज की पत्रकारिता पर जोरदार कटाक्ष किये। उन्होंने पहले की दौर की पत्रकारिता और आज के दौर की पत्रकारिता के बदलाव का विस्तार से विश्लेषण किया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार दीप पाठक की पत्नी नवनिर्वाचित पार्षद दीपा पाठक का स्वागत किया गया।

काशीपुर मीडिया सेंटर के अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह सेठी ने कहा मेरा जीवन पत्राकारों और पत्रकारिता के लिए समर्पित है। मैं कभी किसी पत्रकार या किसी व्यक्ति का अहित करने की नहीं सोच सकता। मुझे मेरे ईश्वर पर पूरा भरोसा है कि वह मुझे कभी गलत राह पर नहीं चलने देगा। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने दशकों के अनुभव साझा करते हुए नए पत्रकारों को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि पत्रकारिता केवल खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की नब्ज को पहचानना और जनता की आवाज को मंच देना है।
समारोह का संचालन कर रहे उत्तराखंड करंट के प्रधान संपादक आरडी खान ने माना कि पत्रकारिता में डिजिटल रूप से काफी क्रांतिकारी बदलाव होने के साथ-साथ कहीं न कहीं पत्रकारिता का स्तर कुछ हद तक गिरा भी है। कहा कि यह आयोजन न केवल पत्रकारों को सम्मान देने का माध्यम है, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, उसकी मर्यादा और उसकी जिम्मेदारियों को दोबारा स्थापित करने का प्रयास भी है। काशीपुर मीडिया सेंटर की यह पहल निश्चित रूप से पत्रकारिता जगत में एक प्रेरणादायी कदम के रूप में याद रखी जाएगी। पत्रकारों ने इस मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी सम्मानित कर एक नयी मिसाल कायम की। कार्यक्रम में मीडिया सेंटर के कार्यकारी अध्यक्ष सोनू जैन, महामंत्री विपिन चौहान, गजेंद्र यादव, आदर्श सिंह, अभय पांडे, कुंदन बिष्ट, विनोद भगत, एफयू खान, आरिफ खान, हरवंश बिष्ट, नाजिम मंसूरी, आसिफ रजा, अजीम खान, अजहर मालिक, फरीद सिद्दीकी, अली अकबर,अरुण कुमार, दीपक बुधानी, राजू सिंह, राजू अनेजा, मानिक गुप्ता, जुगनू खान, रिजवान एहसन, रोशन सिंह आदि तमाम पत्रकार मौजूद रहे।