उत्तराखंड सहकारिता विभाग के अपर निबंधक आनंद शुक्ल: दूरदर्शी नेतृत्व व उत्कृष्ट कार्यशैली जिनकी पहचान

देहरादून। उत्तराखंड सहकारिता विभाग के अपर निबंधक आनंद शुक्ल की कार्यशैली आज पूरे विभाग के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है। उनकी दूरदृष्टि, मधुर स्वभाव तथा सामूहिक नेतृत्व की भावना उन्हें एक प्रभावशाली और परिणाममुखी प्रशासक बनाती है। यही कारण है कि न केवल राज्य के अधिकारी, बल्कि केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके कार्य कौशल की सराहना करते हैं।
श्री शुक्ल के नेतृत्व में उत्तराखंड रेशम फेडरेशन ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उनकी रणनीतिक सोच और “कंप्लीट वैल्यू चैन” पर केंद्रित कार्यप्रणाली ने फेडरेशन को एक मॉडल संस्था के रूप में स्थापित किया है। यही कारण है कि जब भी भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगण उत्तराखंड भ्रमण पर आते हैं, वे रेशम फेडरेशन की कार्यप्रणाली का अवलोकन किए बिना नहीं लौटते, और हर बार इसकी सराहना करना नहीं भूलते।
यह उनके कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि अब उत्तर प्रदेश रेशम फेडरेशन ने भी अपनी संस्थागत सुधार हेतु उनसे सुझाव आमंत्रित किए हैं। यह न केवल श्री आनंद शुक्ल की व्यक्तिगत कार्यकुशलता का सम्मान है, बल्कि उत्तराखंड सहकारिता विभाग की सशक्त भूमिका का भी प्रमाण है।
उत्तराखंड कोऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के मुख्यालय में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों— पंकज कुमार बंसल (अपर सचिव एवं प्रबंध निदेशक, एनसीडीसी), कपिल मीणा (निदेशक, सहकारिता विभाग) तथा अन्य संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी—ने फेडरेशन की नवाचार आधारित गतिविधियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने रेशम सिल्क पार्क परिसर का भ्रमण कर वहां स्थापित अत्याधुनिक हैंडलूम इकाइयों, रेशमी वस्त्र बुनाई, यार्न बैंक, एवं लोकप्रिय ‘दून सिल्क’ रिटेल आउटलेट की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। निरीक्षण के पश्चात प्रबंध निदेशक श्री आनंद शुक्ल द्वारा एक व्यापक प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें फेडरेशन की पूर्ण मूल्य श्रृंखला की कार्यप्रणाली, नवाचार, भविष्य की रणनीतियाँ और जमीनी कार्यों की झलक प्रस्तुत की गई।
🔹 उत्तराखंड रेशम फेडरेशन की प्रमुख उपलब्धियाँ:
1. उत्तर भारत का पहला समेकित सिल्क वैल्यू चेन मॉडल:
ककून उत्पादन से लेकर रिटेल विक्रय तक की संपूर्ण श्रृंखला को एकीकृत करने वाला अभिनव मॉडल।
2. ‘दून सिल्क’ ब्रांड की स्थापना:
स्थानीय कारीगरों और महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाज़ार में पहचान दिलाने वाला प्रतिष्ठित रिटेल ब्रांड।
3. 11 सहकारी संस्थाओं में वैल्यू चेन की स्थापना:
‘कोऑपरेटिव-कोऑपरेटिव’ मॉडल के अंतर्गत 11 संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाकर लाभ की स्थिति में लाया गया।
4. महिला सशक्तिकरण के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना:
सैकड़ों महिला समूहों को स्वरोजगार एवं आय सृजन के मजबूत मंच से जोड़ा गया।
5. बाजार विस्तार व निर्यात की दिशा में अग्रसरता:
उत्तराखंड के रेशमी उत्पादों को राष्ट्रीय बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने की तैयारी।
6. तकनीकी नवाचार:
डिजिटल यार्न बैंक, ई-मार्केटिंग, डिजाइन इनोवेशन और टेक्सटाइल R&D के माध्यम से उत्पादन में गुणात्मक सुधार।
🔹 भविष्य की रणनीति:
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹10 करोड़ उत्पाद विक्रय का लक्ष्य।
₹20 करोड़ मूल्य के उत्पादन हेतु 5 नई प्रोडक्शन लाइनों पर कार्य आरंभ।
सहकारी मॉडल को रोजगार, उद्यम और आर्थिक सशक्तिकरण के टिकाऊ माध्यम के रूप में स्थापित करना।
भारत सरकार के अधिकारियों ने फेडरेशन की इन उपलब्धियों और नवाचारों की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि इसकी सक्सेस स्टोरी और प्रेजेंटेशन मंत्रालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि इस मॉडल को पूरे देश में दोहराया जा सके।
प्रबंध निदेशक शुक्ल ने कहा कि, “यह केवल रेशम उत्पादन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की पुनर्रचना है। सहकारिता अब केवल संगठन नहीं, विकास का सशक्त माध्यम बन चुकी है।”
इस अवसर पर उप निबंधक कुमाऊं हरीश खंडूरी निदेशक रेशम प्रदीप कुमार, जिला सहायक निबंधक देहरादून बलवंत मनराल प्रबंधक मातबर कंडारी, प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार, फैशन डिज़ाइनर डॉ. निहारिका सिंह, टेक्सटाइल इंजीनियर अंकित खाती, ब्रांड प्रमोटर गीता नेगी, अनिल डोभाल आदि की उपस्थिति रहे।
चालान से पकड़ में आई दो साल पहले चोरी हुई बाइक…. कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दर्ज की बाइक चोरी की रिपोर्ट
काशीपुर। एमवी एक्ट के चालान से दो वर्ष पूर्व चोरी हुई मोटरसाइकिल का पता लग गया। बाइक स्वामी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में मोहल्ला थानासाबिक निवासी शब्लू पुत्र युनुस ने कहा है कि 17 जून 2023 को उसके घर के बाहर से उसकी हीरो मोटरसाइकिल संख्या यूके 18 जे/6352 चोरी हो गई थी। जिसकी सूचना उसने काशीपुर पुलिस को देने के साथ ही डाक द्वारा एसएसपी को भी दी थी। लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 15 मई,2025 को उसके मोबाइल पर उक्त मोटरसाइकिल का चालान होने का मैसेज आया। चालान ग्राम गोपालनगर, मलधनचौड रामनगर में एसआई धर्मेंद्र कुमार ने किया था। इस चालान में चालक का नाम मलकीत सिंह पुत्र जीत सिंह अंकित है। वर्तमान में उक्त मोटेसाइकिल पुलिस चौकी मालधन में खड़ी है। प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिए है। काशीपुर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया है।
रेलवे पेंशनर्स एसोसिशन ने मनाया पूर्व अध्यक्ष सुरेश शर्मा समेत आठ पेंशनर्स का जन्मदिन

काशीपुर। पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिशन काशीपुर शाखा की मासिक बैठक रेलवे स्कूल प्रांगण में आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता रेलवे मजदूर यूनियन के पूर्व अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने की इस अवसर पर पेंशनर्स एसोसिशन के अध्यक्ष सतपाल गुप्ता, सेक्रेट्री एस एस सिन्हा, कोषाध्यक्ष राजीव पाल, सुरेश शर्मा, संजय राय ने आवश्यक जानकारी के साथ साथ संगठन संबंधी विचार व्यक्त किए। पेंशनर्स एसोसिशन की और से जुलाई माह में पड़ने वाले 8 पेंशनर्स सुरेश शर्मा, राजीव पाल, शिवप्रसाद, रामेश्वर आदि का जन्मदिन तिलक लगाकर मिठाई खिलाकर तथा माला, सम्मान पटका पहनाकर, तथा बधाई पत्र देकर धूमधाम से मनाया गया।

बैठक में भारत पेंशनर्स समाज के केंद्रीय महासचिव एस सी माहेश्वरी के आकस्मिक निधन पर दो मिंट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में अमर सिंह, मदन पाल सिंह, सी एस घोषाल, लालता प्रसाद, के के शर्मा, वीरेंद्र पाल, कृष्णपाल, हरिओम, सुरेश कुमार, रहीस, शब्बन्न खान, एम वाई सिद्दीकी समेत दर्जनों पेंशनर्स मौजूद थे।
अजब, ग़ज़ब…ठाकुरद्वारा के विजयपाल ने काशीपुर में बनवा लिया जाति प्रमाण पत्र..48 साल बाद निरस्त हुआ प्रमाण पत्र.. आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
काशीपुर। फर्जी अभिलेखों के आधार पर ठाकुद्वारा के एक व्यक्ति ने काशीपुर तहसील में जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया। 48 साल बाद तहसील प्रशासन ने उसका प्रमाणपत्र निरस्त किया है। आरोपी के खिलाफ लेखपाल ने केस दर्ज कराया है।
थाना ठाकुरद्वारा के ग्राम फरीदनगर निवासी विजय पाल सिंह को वर्ष 1976 में तहसीलदार काशीपुर द्वारा खटीक अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया था। यह प्रमाण पत्र 03 अगस्त 1976 को जारी हुआ। 20 सितंबर 1976 को उप जिलाधिकारी ने भी इसे प्रमाणित कर दिया था। बबिता कुमारी नामक महिला ने उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर कर विजय के प्रमाण पत्र को चुनौती दी। हाइकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी उधमसिंह नगर की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय स्कूटनी कमेटी ने प्रमाण पत्र की जांच की। जांच में प्रमाण पत्र को गलत तथ्यों पर आधारित पाते हुए 06 अक्तूबर 2023 को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद विजय पाल सिंह द्वारा की गई अपील को भी राज्य स्तरीय कास्ट स्कूटनी कमेटी ने 24 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया। तहसीलदार काशीपुर द्वारा संबंधित राजस्व उप निरीक्षक को कानूनी कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। राजस्व उप निरीक्षक आशीष चौहान ने कोतवाली काशीपुर में आरोपी विजयपाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी पाया गया राजू.. कोर्ट ने जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई, दहेज हत्या के आरोप से किया बरी…पांच साल से हल्द्वानी जेल में बंद था आरोपी
काशीपुर। प्रथम एडीजे कोर्ट ने दहेज हत्या के केस में आरोपी पति को दोषमुक्त कर दिया।अलबत्ता अदालत ने उसे पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का कसूरवार माना। कोर्ट ने उसे जेल में बिताई अवधि के साथ ही जुर्माने की भी सजा सुनाई है।
ग्राम गोबरा थाना बाजपुर निवासी दर्शन सिंह ने 23 जुलाई,2020 को जसपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन कुलवन्त कौर उर्फ कोडी की शादी चार माह पूर्व राजू पुत्र गुरनाम सिह निवासी ग्राम गढी हुसैन थाना जसपुर के साथ हुई थी। परिवार ने हैसियत अनुसार दान दहेज दिया था लेकिन शादी के कुछ दिन बाद से उक्त राजू ने उससे पैसे की मागें शुरु का दी। पैसे नही देने पर वह उसकी बहन को जान से खत्म करने की धमकी देता था। राजू की माता बन्सी कौर व उसकी पहली पत्नि पूजा और राजू के दोस्त गुरमुख सिंह पुत्र कश्मीर सिंह निवासी ग्राम रम्पुरा ने 50 हजार रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। 22 जुलाई 2020 को लगभग 11-12 बजे दिन मे प्रार्थी की बहन ने बताया कि रकम नहीं देने पर ससुराली उसे जान से खत्म करने की धमकी दे रहे है। 23.जुलाई 2020 को समय सुबह करीब 7 बजे ग्राम नया टाण्डा थाना जसपुर निवासी कश्मीरो कौर पत्नी मुख्तयार सिंह ने फोन कर बताया कि तुम्हारी बहन मर गयी है । वो लोग ग्राम गढीहुसैन आये तो देखा कि मेरी बहन घर के बरामदे में चारपाई पर मरी पड़ी थी। तहरीर पर पुलिस ने राजू व उसकी माता बन्सो कोर, पहली पत्नी पूजा एवं गुरमुख सिंह पुत्र कश्मीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी पति राजू के खिलाफ कोर्ट में दहेज हत्या के आरोप में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। आरोपी राजू तभी से जेल में है। केस का ट्रायल प्रथम एडीजे की अदालत में हुआ। अभियोजन व बचाव पक्ष के साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपी राजू को दहेज हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। एडीजे मनोज गर्व्याल ने आरोपी को पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और घरेलू हिंसा करने का कसूरवार माना। आरोपी को जेल में बिताई गई अवधि के अलावा 5 व 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी रतन सिंह कांबोज ने की।
श्रीविवेक प्रेम ट्रस्ट नंगली आश्रम में गुरु पूर्णिमा का कार्यक्रम

काशीपुर। सुभाषनगर स्थित श्री विवेक प्रेम ट्रस्ट नंगली आश्रम में गुरु पूर्णिमा (व्यास पूजा) का कार्यक्रम किया गया। ट्रस्ट अध्यक्ष स्वामी शुद्ध महेशानंद पुरी जी महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा से 5 दिन पूर्व यह आयोजन किया गया है। ताकि गुरु पूर्णिमा के दिन सभी भक्तजन श्रीगुरु मंदिर नंगली साहिब मेरठ भी पहुंच सके। गुरु भक्तों ने श्री गुरु महाराज की पावन आरती की तत्पश्चात श्री गुरु का तिलक किया। ट्रस्ट की महासचिव संत शुद्ध वैरागानंद (रुचि) बाई ने बताया कि यह पर्व प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा से 5 दिन पूर्व आश्रम पर मनाया जाता है। दोपहर को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। शुद्ध महेशानंद पुरी महाराज ने भक्तों को गुरु की पूजा क्यों की जाती है इसके बारे में सत्संग के माध्यम से समझाया और आए हुए सभी श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया। इस मौके पर चमन प्रजापति,देवानंद,आकाश गुप्ता,माया प्रजापति, शिवानी प्रजापति,रोहित प्रजापति,
कमलेश चुग, सुदेश शर्मा आदि का सहयोग रहा।
चेक बाउंस के मामले में सजा के खिलाफ अपील खारिज… द्वितीय एसीजे कोर्ट ने सुनाई थी तीन माह की सजा
काशीपुर। चेक बाउंस के मामले में सजा के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका प्रथम एडीजे कोर्ट ने सुनवाई के बाद निरस्त कर दी है। एडीजे कोर्ट ने अवर न्यायालय के सजा के फैसले पर मुहर लगा दी है।
बाजपुर रोड निवासी तुषार कंस्ट्रक्शन के पार्टनर तुषार अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल के माध्यम से अदालत में परिवाद दायर किया था कि शाहजहांपुर निवासी प्रशांत कुमार पुत्र शिव कुमार बाजपुर रोड स्थित एक फैक्ट्री में सुपरवाइजर है। प्रशांत ने उसकी फर्म से समय समय पर उधार लिया। 27 फरवरी,2020 को उसके भुगतान की एवज में आईडीबीआई बैंक की शाखा का दो लाख रुपए का एक चेक दिया, जो कि खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। परिवाद पर सुनवाई कर द्वितीय एसीजे की अदालत ने आरोपी प्रशांत को तीन माह के कारावास और 2.40 लाख रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले को प्रशांत ने प्रथम एडीजे कोर्ट में चुनौती दी। एडवोकेट अमरीश अग्रवाल ने याचिका का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रथम एडीजे मनोज गर्व्याल ने याचिका को निरस्त करते हुए अवर न्यायालय के आदेश की पुष्टि कर दी।
उपभोक्ता फोरम ने बीमा कम्पनी को पॉलिसी की पूरी धनराशि बैंक में जमा करने का दिया आदेश…. कोविड में पति की मौत के बाद पत्नी को नहीं दिया बीमा क्लेम
काशीपुर। जिला उपभोक्ता आयोग रुद्रपुर ने बीमा कम्पनी और बैंक को झटका देते हुए एक महिला शिकायतकर्ता के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने बीमा कम्पनी को आदेश दिया है कि वह बीमा पॉलिसी की पूरी धनराशि बैंक को अदा करे, जिसे ऋण खाते में समायोजित कर शेष राशि शिकायतकर्ता को लौटाई जाए।
काशीपुर निवासी आरती भल्ला द्वारा आपने अधिवक्ता अरविंद शर्मा के माध्यम से दायर परिवाद में बताया गया कि उनके पति सूरज कुमार भल्ला ने वर्ष 2018 में केनरा बैंक से 12 लाख रुपये का हाउसिंग लोन लिया था। ऋण को सुरक्षित करने के लिए बैंक ने अपने अनुबंधित बीमा कम्पनी से 18,463 रुपये प्रीमियम लेकर बीमा कराया था। वर्ष 2021 में कोविड-19 की दूसरी लहर में सूरज भल्ला का निधन हो गया। इसके बाद पत्नी आरती भल्ला ने बीमा दावे के लिए बैंक को सभी जरूरी दस्तावेज सौंपे। लेकिन बैंक ने दावा न लेकर बीमा कम्पनी से संपर्क करने को कह दिया। बीमा कम्पनी ने कोविड-19 को पॉलिसी के दायरे से बाहर बताते हुए दावा खारिज कर दिया। बीमा लोकपाल से भी आरती को निराशा हाथ लगी। अंत में आरती भल्ला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग, रुद्रपुर में वाद दायर किया। उनके अधिवक्ता ने उच्चतम न्यायालय, राज्य आयोगों और बीमा नियामक प्राधिकरण के निर्णयों को प्रस्तुत करते हुए बीमा कम्पनी और बैंक की सेवा में कमी को उजागर किया। आयोग के अध्यक्ष राजीव खरे और न्यायिक सदस्य नवीन चंद्र चंदोला ने मामले की गंभीरता को समझते हुए निर्णय सुनाया। आदेश में कहा गया है कि बीमा कम्पनी 45 दिनों के भीतर पॉलिसी की समस्त इंश्योर्ड राशि बैंक को अदा करे। बैंक ऋण खाते में समायोजन कर शेष धनराशि शिकायतकर्ता को दे। इसके अलावा सेवा में की गई कमी और वाद व्यय की राशि भी शिकायतकर्ता को अदा की जाए।
क्राइम ब्रांच के अधिकारी व पत्रकार बताकर महिला से रकम ऐंठी, दो आरोपी गिरफ़्तार
मेरठ। खुद को फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी और पत्रकार बताकर एक महिला से दो लाख की रंगदारी मांगी और ड्रा धमका महिला से 30 हजार रुपए ऐंठ लिए। पुलिस ने दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
टीपी नगर क्षेत्र की शिव हरि मंदिर कॉलोनी में रहने वाली संगीता नाम की महिला के घर तीन पुरुष और तीन महिलाएं खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी और पत्रकार बताकर घुस गईं। इस मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस ने आरोपी महिला सावित्री और उसके साथी दिनेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक शिव हरि मंदिर कॉलोनी में रहने वाली संगीता नाम की महिला के घर तीन पुरुष और तीन महिलाएं खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी और पत्रकार बताकर घुस आए।उन्होंने महिला के घर की तलाशी लेने के नाम पर वीडियोग्राफी की और साथ लाया गया अवैध सामान डस्टबिन में छिपाकर महिला को फंसाने की धमकी दी।महिला से कहा गया कि अगर वह दो लाख रुपये नहीं देगी तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा। डर के मारे महिला ने 30 हजार रुपये मौके पर दे दिए। आरोपियों ने बाकी रकम के लिए दिनेश नामक युवक को भेजा। संगीता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी। टीपी नगर पुलिस ने घेराबंदी कर दिनेश और सावित्री को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने महिला से वसूली गए 3800 रुपये भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
चेक बाउंस का आरोपी साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त
काशीपुर। एसीजेएम/सिविल जज (सीनियर) डिविजन की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
मोहल्ला खालसा निवासी तेजपाल सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एसीजेएम की अदालत में परिवाद दायर किया था कि जून 2022 में उसने जसपुरखुर्द निवासी संजीव गुप्ता पुत्र राजेश गुप्ता को 1.60 लाख रूपये उधार दिए थे। लेकिन काफी समय बाद भी उसने रकम नहीं लौटाई। तकादा करने पर आरोपी ने उसे 1.60 लाख रुपए का चेक दिया। यह चेक खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। नोटिस देने पर भी आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया। परिवाद पर सुनवाई कर अदालत ने आरोपी को तलब किया। बचाव पक्ष की ओर से पैरवी अधिवक्ता मेहराज खान एड ने की। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए एसीजेएम/सिविल जज (सीनियर) डिविजन पायल सिंह की अदालत ने आरोपी संजीव गुप्ता को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।



