काशीपुर के अजय चौधरी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के गांव में मनाई मां की पुण्यतिथि… एनजीओ के बच्चों को कराया भोजन

काशीपुर। क्लीन ग्रीन फॉउंडेशन के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अजय सिंह चौधरी ने अपनी दिवंगत मां की 19 वीं पुण्यतिथि पर कार्टर पुरी गुड़गांव की पाठशाला में निर्धन परिवारों के छात्रों के साथ समय व्यतीत किया। इस गांव में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी कार्टर का जन्म हुआ था। कार्टर की मां इस गांव के चिकित्सालय में नर्स थी।

जिम कॉरटर जब भारत आए थे तो उन्होंने अपने पैतृक जन्म स्थान को देखने का निवेदन किया था। तब हरियाणा सरकार ने उनके सम्मान में गांव का नामकरण कार्टरपुरी कर दिया था। समाजसेवी अजय चौधरी ने अपनी मां की पुण्य तिथि के अवसर पर एनजीओ के बच्चों के लिए भोज का प्रबंध किया।

वहां चौधरी को 05 और 03 वर्ष के दो बच्चे भी मिले। जिनके माता पिता का 02 वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। बच्चों ने उनके साथ गुब्बारे उड़ाकर आनंद उठाया।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आज से नामांकन शुरू

देहरादून। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया आज, 2 जुलाई से शुरू हो रही है। हरिद्वार को छोड़कर सभी जिलों में 66,418 पदों के लिए दो चरणों में चुनाव कराएगा।
नामांकन 2 से 5 जुलाई तक सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। नामांकन पत्रों की जांच 7 से 9 जुलाई तक सुबह 8 बजे से कार्य समाप्ति तक की जाएगी। उम्मीदवार 10 और 11 जुलाई को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे।
चुनाव 89 विकासखंडों में होंगे, जिनमें 55,587 ग्राम पंचायत सदस्य, 7,499 ग्राम प्रधान, 2,974 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 358 जिला पंचायत सदस्य पद शामिल हैं। प्रतीक चिह्न पहले चरण के लिए 14 जुलाई और दूसरे चरण के लिए 18 जुलाई को आवंटित होंगे। मतदान पहले चरण में 24 जुलाई और दूसरे चरण में 28 जुलाई को होगा, जबकि परिणाम 31 जुलाई को घोषित होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 30 जून तक 6,853 नामांकन पत्र बिक चुके हैं। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

मेरठ प्रेस क्लब के अतुल अध्यक्ष व रिदा खान उपाध्यक्ष चुनी गईं

मेरठ। मंगलपांडे नगर में हुई पत्रकारों को बैठक में प्रेस क्लब का पुनर्गठन किया गया। जिसमें अतुल माहेश्वरी को प्रेस क्लब अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार रिदा खान को उपाध्यक्ष चुना गया।
प्रेस क्लब की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निवर्तमान अध्यक्ष राहुल ठाकुर को उनके पद से निष्कासित कर दिया गया। जबकि आज के बुलेटिन के संपादक अतुल माहेश्वरी को अध्यक्ष, जय भारत दर्शन की संपादक रिदा खान व रवि कुमार को उपाध्यक्ष, धर्मेंद्र तोमर को महामंत्री, हशमे आलम कोषाध्यक्ष, जाहिदा खान व रमेश सैनी को संगठन मंत्री चुना गया। बैठक में पत्रकार हितों को लेकर भी चर्चा की गई।

वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट की पुन: बहाली और दायरा बढ़ाने के लिए एनयूजेआई करेगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन. एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी का उदयपुर में बड़ा बयान कहा, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रोनिक मीडिया की तरह ही डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को भी सुरक्षा, अधिमान्यता को लेकर तेज होंगे प्रयास… वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट में इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल मीडिया को भी शामिल करने की है मांग

उदयपुर। पत्रकार सुरक्षा, मीडिया काउंसिल और पत्रकारों के नेशनल रजिस्टर के लिए लगातार संघर्षरत नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (एनयूजेआई) अब शीघ्र ही वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट की पुन: बहाली और उसके दायरे में प्रिंट मीडिया के साथ इलेक्ट्रोनिक व डिजिटल मीडिया को लाने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।

यह ऐलान एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने रविवार को यहां उदयपुर में जार उदयपुर इकाई व जार प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ बैठक में किया। शिल्पग्राम के पास शिल्पी आमंत्रा रिसोर्ट में आयोजित इस बैठक में रास बिहारी ने बताया कि एनयूजेआई पहला संगठन है जिसने इलेक्ट्रोनिक मीडिया के आरंभिक दौर में उसकी मान्यता के लिए संघर्ष किया था और यही पहला संगठन है जिसने केन्द्र सरकार से डिजिटल मीडिया कानून की मांग की है। एनयूजेआई का मानना है कि अब प्रेस काउंसिल में संवर्धित बदलाव कर उसे मीडिया काउंसिल बनाया जाना चाहिए जिससे मीडिया का हर माध्यम काउंसिल के दायरे में आ सके। प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और​ डिजिटल को समान माना जाए। अलग—अलग माध्यम के नियम अलग—अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी को एक ही प्लेटफार्म पर लाया जाना चाहिए।

इसी तरह, जिस वर्किंग ज​र्नलिस्ट एक्ट को खत्म कर दिया गया है उसकी पुन: बहाली होनी चाहिए और उसी में इलेक्ट्रोनिक व डिजिटल मीडिया के नियम—कानून भी शामिल किए जाने चाहिए। इसके लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की योजना बना ली गई है। इस आंदोलन में पत्रकारों को पेंशन की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। पत्रकार सुरक्षा, मीडिया काउंसिल व पत्रकारों के नेशनल रजिस्टर के मुद्दे भी शामिल रहेंगे।

बैठक में एनयूजेआई के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप तिवाड़ी ने कहा कि एनयूजेआई और राज्यों में उसके सम्बद्ध पत्रकार संगठनों के प्रयासों से कई राज्यों में पत्रकारों को पेंशन, बीमा व अधिस्वीकरण जैसी सुविधा का प्रावधान हुआ है। कहीं—कहीं तो तहसील स्तर तक अधिमान्यता के प्रावधान बने हैं। एनयूजेआई पूरे देश में तहसील स्तर तक अधिमान्यता व अन्य सुरक्षा प्रावधान पत्रकारों के लिए लागू करवाने के लिए प्रयासरत है।

बैठक से पूर्व, जार के प्रदेश कोषाध्यक्ष कौशल मूंदड़ा, जार उदयपुर के जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा राजदीप, संरक्षक नरेश शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल ओड़, जिला कोषाध्यक्ष गोपाल लोहार, जिला सचिव योवंतराज माहेश्वरी, उपाध्यक्ष मदन चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य उमेश चौहान आदि ने दोनों राष्ट्रीय पदाधिकारियों का पगड़ी—उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया। दोनों अतिथियों को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की तस्वीर भी भेंट की गई।

उल्लेखनीय है कि दोनों राष्ट्रीय पदाधिकारी यहां 28—29 जून की दो दिवसीय ऑल इंडिया फैडरेशन ऑफ पीटीआई एम्पलॉइज यूनियन्स की एजीएम में बतौर अतिथि उदयपुर पहुंचे थे।

तराई कमिश्नरी और नए जिलों के गठन पर जोर

काशीपुर। उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष जगदीश बौड़ाई के कविनगर स्थित आवास पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष व तराई प्रभारी चौधरी ब्रजबीर सिंह चौधरी और केन्द्रीय उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह बिष्ट ने कार्यकर्ताओं के साथ जरूरी मुद्दों पर मंथन किया।
गोष्ठी में उत्तराखंड के विकास पर चर्चा हुई। उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन, नहरों व नदियो पर उत्तर प्रदेश से अधिकार लेने की बात कही गई। शिक्षा, चिकित्सा हर परिवार को निशुल्क मुहैया कराने पर भी चर्चा हुई। हर गांव को कम से कम जीप रोड से जोड़ने, कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए खनिजों की पूर्ति करना खाद और बीज मुहैया कराने और उसके विपणन की व्यवस्था 20 प्रतिशत लाभांश के साथ करवाए जाने की मांग की गई। श्रमिकों को बीमा योजना के अंतर्गत लाने, गढ़वाल व कुमाऊं के अलावा तराई कमिश्नरी स्थापित कर जिलों और तहसीलों के भी पुनर्गठन की भी आवश्यकता बताई गई। पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय दिवाकर भट्ट द्वारा तैयार किए गए भूकानून का लागू करने, ठेकेदारी प्रथा में स्थानीय व्यक्तियों को ही प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया गया।

तराई कमिश्नरी और नए जिलों के गठन की मांग…उक्रांद की गोष्ठी में हुई भविष्य के उत्तराखंड पर हुई चर्चा

काशीपुर। उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष जगदीश बौड़ाई के कविनगर स्थित आवास पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष व तराई प्रभारी चौधरी ब्रजबीर सिंह चौधरी और केन्द्रीय उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह बिष्ट ने कार्यकर्ताओं के साथ जरूरी मुद्दों पर मंथन किया।
गोष्ठी में उत्तराखंड के विकास पर चर्चा हुई। उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन, नहरों व नदियो पर उत्तर प्रदेश से अधिकार लेने की बात कही गई। शिक्षा, चिकित्सा हर परिवार को निशुल्क मुहैया कराने पर भी चर्चा हुई। हर गांव को कम से कम जीप रोड से जोड़ने, कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए खनिजों की पूर्ति करना खाद और बीज मुहैया कराने और उसके विपणन की व्यवस्था 20 प्रतिशत लाभांश के साथ करवाए जाने की मांग की गई। श्रमिकों को बीमा योजना के अंतर्गत लाने, गढ़वाल व कुमाऊं के अलावा तराई कमिश्नरी स्थापित कर जिलों और तहसीलों के भी पुनर्गठन की भी आवश्यकता बताई गई। पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय दिवाकर भट्ट द्वारा तैयार किए गए भूकानून का लागू करने, ठेकेदारी प्रथा में स्थानीय व्यक्तियों को ही प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया गया।

संगठन को रिफॉर्म करने की मुहिम में जुटा उक्रांद…सौ प्रकोष्ठों का होगा गठन, जनहित के मुद्दों पर रहेगा फोकस

काशीपुर। उत्तराखंड क्रांति दल अपने संगठन को रिफॉर्म करने की मुहिम में जुट गया है। उक्रांद के केंद्रीय महामंत्रियों की टीम ने कुमाऊं भ्रमण कर संगठन के विस्तार की संभावनाएं तलाशी। संगठन ने विभिन्न क्षेत्रों में 100 प्रकोष्ठों के गठन का निर्णय लिया है।
उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री कर्नल सुनील कोटनाला के नेतृत्व में पार्टी की टीम काशीपुर पहुंची। कविनगर में जिलाध्यक्ष जगदीश बौड़ाई के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए केंद्रीय महामंत्री कर्नल कोटनाला ने संगठन को ऊर्जा देने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए पूरे राज्य से संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। पार्टी ने 40 हजार नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत वह संगठन के केंद्रीय महामंत्री एडवोकेट समीर मुंडेपी व मीनाक्षी घीँडियाल, केंद्रीय संगठन मंत्री नैना लखेड़ा के साथ कुमाऊं भ्रमण पर हैं। कहा कि राष्ट्रीय दलों ने पहाड़ की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया है। पलायन किसी भी तरह के बैरिकेटिंग से नहीं रोका जा सकता, बल्कि इसके लिए पहाड़ में रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, जनसंचार आदि की सुविधाओं की जरूरत है।
राज्य में भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, महिला असुरक्षा, नशा और लचर स्वास्थ्य सेवाओं के चलते लोगों का विश्वास राष्ट्रीय दलों से खत्म हो चला है। कोई नीति न होने के कारण उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर मक्खियों की तरह गिर रहे हैं। उक्रांद जनहित के मुद्दों को लेकर मुखर है। ऐसे में उक्रांद भाजपा और कांग्रेस के लिए बढ़ा खतरा है। उक्रांद ने लोगों को कानूनी मदद देने के लिए अपनी विधिक टीम का गठन कर दिया है। जल्द ही विभिन्न क्षेत्रों के जागरूक लोगों से संपर्क कर सौ प्रकोष्ठों का गठन किया जाएगा। वहां पहाड़पन की संस्थापक कुसुमलता बौड़ाई, समाजसेवी शंभू लखेड़ा व सतेंद्र शक्ति थे।

साहूकारों के सितम से छुटकारा पाने को पूरे परिवार ने गटका जहर… मां और दो बेटियों की मौत, गृह स्वामी की हालत गंभीर

बिजनौर। साहूकारों के सितम से छुटकारा पाने के लिए मानसिक प्रताड़ना झेल रहे पूरे परिवार ने जहर गटक लिया। इस घटना में मां और दो बेटियों की मौत हो गई, जबकि गृह स्वामी की हालत गंभीर बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां कर्ज से परेशान एक ही परिवार के चार लोगों ने जहर खा लिया। नूरपुर क्षेत्र के टेंडरा गांव का है, जहां साहूकारों से कर्ज लेकर जूझ रहे पुखराज के परिवार ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। इनमें मां रमेशिया और बड़ी बेटी अनीता और छोटी बेटी सुनीता की मौत हो गई जबकि गृह स्वामी पुखराज को हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुखराज पर करीब छह लाख रूपये का कर्ज था। परिवार लंबे समय से साहूकारों से लिए कर्ज और लगातार हो रहे दबाव से मानसिक तनाव में था। आर्थिक तंगी ने परिवार को इतना तोड़ दिया कि सामूहिक जहर खाने जैसा कदम उठाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

अस्पताल से बच्चा गायब करने की आरोपी महिला दोषमुक्त…. 25 हजार रुपए में एक निसंतान महिला को बेचने का था आरोप

काशीपुर। जसपुर के एक अस्पताल से बच्चा गायब कर बेचने की आरोपी महिला को प्रथम एडीजे कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
मोहल्ला नईबस्ती, जसपुर निवासी साजिया पत्नी सलमान ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 सितंबर,2018 को उसने एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। एक अक्तूबर, 2018 को उसकी परिचित ग्राम खेड़ा निवासी परवीन पत्नी शब्बन उसके नवजात पुत्र को मशीन में रखने की बात कहकर वहां से उठा ले गई। उसके बाद वह लौटकर नहीं आई। बाद में पता लगा कि उसने एक निसंतान महिला को 25 हजार रूपये में बेच दिया। जिसे उसने बच्चा अपनी बीमार भांजी का बताया था। उसी का इलाज कराने की बात कहकर बच्चा सौंपा था। अगले दिन अखबार में अस्पताल से बच्चा चोरी होने की खबर प्रकाशित हुई तो बच्चा लेने वाली महिला ने साजिया के घर जाकर उसे उसका बच्चा लौटा दिया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी परवीन को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद एसआई जावेद हसन ने परवीन के खिलाफ धारा 370 व 81 जेजे एक्ट के तहत कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। केस का विचारण प्रथम एडीजे मनोज गर्ब्याल की अदालत में हुआ। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रहमत अली खान एड ने पैरवी की। संबंधित पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपी परवीन को दोषमुक्त कर दिया।

आईएएस बंशीधर तिवारी को “अपर सचिव- मुख्यमंत्री का अतिरिक्त दायित्व


देहरादून। उत्तराखण्ड शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बंशीधर तिवारी को “अपर सचिव- मुख्यमंत्री का अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। तिवारी वर्तमान में अपर सचिव सूचना, महानिदेशक सूचना तथा उपाध्यक्ष, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।
कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01 से जारी शासनादेश (संख्या: 527/XXX-1-2025) के अनुसार आइएएस तिवारी को अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। संयुक्त सचिव राजेन्द्र सिंह पतियाल द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में श्री तिवारी को शीघ्र नवीन पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। तिवारी को दिया गया यह अतिरिक्त दायित्व न केवल उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए दिया गया है।