महापौर दीपक बाली के भतीजे का अपहरण, मारपीट कर डिग्री कॉलेज के पास छोड़ा. दुकान के आगे से गाड़ी हटाने की बात पर हुआ विवाद
काशीपुर। कार सवार चार युवकों ने महापौर के भतीजे का अपहरण कर उसके साथ मारपीट की। आरोपी उसे डिग्री कॉलेज के पास छोड़ कर फरार गए। तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
टांडा उज्जैन निवासी काशीपुर नगर निगम के महापौर दीपक बाली के भतीजे हर्षित बाली ने पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि उसकी दुकान के आगे एक कार यूके 03 बी 9583 आकर रुकी। दुकान के गेट के सामने से गाड़ी हटाने को कहने पर उसमें सवार एक व्यक्ति बाहर निकला। उसने अपना नाम गुरूप्रेम बताते हुए अभद्रता शुरू कर दी। मना पर गुरूप्रेम ने फोन करके तीन अन्य व्यक्तियों को बुला लिया। जो काले रंग की स्कार्पियो (यू.के. 18 डी 6886) में आये और उन्होंने उसके साथ बुरी तरह से मारपीट करनी शुरू कर दी और मारपीट करके उसकी हत्या करने के इरादे से अपहरण करके ले गये और धारदार हथियार से हमला कर उसे घायल दिया। आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए धमकाया। बाद में वो उसे राधे हरि डिग्री कालेज के बाहर छोड़ कर फरार हो गये। हर्षित बाली की तहरीर के आधार पर पुलिस ने महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गुरूप्रेम सिंह व उसके 3 अज्ञात साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हर्षित पूर्व पार्षद सर्वेश बाली के पुत्र है।
प्रक्रिया सुरक्षा प्रबंधन को लेकर आईजीएल में हुई कार्यशाला.

काशीपुर। भारतीय रासायनिक परिषद (आईसीसी) और इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड (आईजीएल) ने संयुक्त रूप से “प्रक्रिया सुरक्षा प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 11 जून 2025 को इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड, काशीपुर में आयोजित हुआ।

कार्यशाला में खतरों की पहचान, हैजॉप अध्ययन, मात्रात्मक जोखिम विश्लेषण, प्रक्रिया सुरक्षा प्रबंधन और व्यवहार-आधारित सुरक्षा पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रतिभागियों को जोखिम न्यूनीकरण, सक्रिय सुरक्षा उपायों और प्रक्रिया सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों को लागू करने की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रक्रिया सुरक्षा के वैश्विक मानकों को भारतीय उद्योगों में बढ़ावा देना और दुर्घटनाओं की रोकथाम के माध्यम से मानव जीवन की रक्षा करना है। इस अवसर पर रूपाक सारस्वत – आईसीसी नॉर्थ रीजन हेड और सीईओ आईजीएल, विपिन कुमार क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल, आलोक सिंघल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आईजीएल, देव झा मुख्य मानव संसाधन अधिकारी आईजीएल, डॉ आर के शर्मा – हेड सस्टेनेबिलिटी आईजीएल, आर के सिंह – फैक्ट्री मैनेजर आईजीएल काशीपुर, विक्रांत चौधरी – सहायक महाप्रबंधक प्रशासन आईजीएल, आर सी उपाध्याय – प्रबंधक लाइजनिंग आईजीएल सहित आईसीसी और सिडकुल के अधिकारी और आसपास के क्षेत्र के कई उद्योगों व शिक्षण संस्थान के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिशन में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, मांगों के संबंध में दी जानकारी

काशीपुर। पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिशन काशीपुर शाखा की मासिक बैठक रेलवे स्कूल परिसर में सम्पन्न हुई। बेठक में सचिव एस एस सिन्हा ने पेंशनरों की सभी प्रमुख मांगो के संबंध में जानकारी दी। उन्होने बताया कि नेशनल इंक्रीमेंट का लाभ कुछ लोगों को मिल चुका है कुछ को भी जल्द मिलेगा, इसी तरह एक्सीडेंट फ्री अलाउंस भी अधिकांश लोगों को मिल चुका है मेडिकल लाभ हेतु उम्मीद कार्ड नया बनाए जाने और उससे मिलने वाले मेडिकल लाभ की भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा और भी कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। शाखा के अध्यक्ष एस पी गुप्ता, ट्रेजरार राजीव पाल , संजय राय ने भी पेंशनरों को उनसे संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। बैठक की अध्यक्षता संजय राय ने की इस अवसर पर 6 पेंशनरों एस पी गुप्ता, फूल सिंह, कृष्ण पाल, जगत सिंह, फकीर चंद, के के शर्मा का जन्मदिन उन्हें मिठाई खिलाकर माला पहनाकर तथा शाल ओढ़ाकर सम्मानित कर धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सभी ने उन्हें बधाई दी बैठक में मनोहर लाल, अमर सिंह, ए के मिश्रा, मदनपाल, वीरेंद्र पाल, संजय राय, जय किशोर शर्मा, सुरेश कुमार, सुभाष घोषाल, लालता प्रसाद, समेत करीब 50 सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।
कहां और किस हाल में है भाजपा नेता अनूप अग्रवाल????. पूर्व शिक्षा मंत्री भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व गृहमंत्री से मिलकर करेंगे न्याय की मांग

काशीपुर। भाजपा नेता अनूप अग्रवाल कहां हैं और किस हाल में हैं। इसे लेकर काशीपुर में एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने दावा किया है कि अनूप बीती 02 दिसंबर से गायब है। उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। वह इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
पूर्व शिक्षा मंत्री पांडे शनिवार को गिरीताल स्थित वरिष्ठ भाजपा नेता अनूप अग्रवाल के आवास पर पत्रकारों से रुबरु हुए। अनूप की माता के साथ प्रेस वार्ता में पांडे ने बताया कि भाजपा के प्रभावशाली नेता और कारोबारी अनूप अग्रवाल बीते दो दिसंबर से लापता हैं। परिजनों ने इस मामले में काशीपुर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए है। पूर्व मंत्री पांडे ने बताया कि बीती रात अनूप की माता ने उन्हें फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। अनूप का अपने परिजनों से आखिरी बार संपर्क होली के दिन हुआ था। उसके बाद से उनका मोबाइल बंद है और वे पूरी तरह से लापता हैं। पांडे ने कहा कि अगर अनूप अग्रवाल ने कोई अपराध किया है तो उनके खिलाफ कानून कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन उनका अचानक इस तरह गायब हो जाना और पुलिस द्वारा चुप्पी साध लेने सेवकई सवाल खड़े हो रहे है। आरोप है कि काशीपुर पुलिस लगातार अनूप के ड्राइवर को हिरासत में लेकर उसे परेशान कर रही है। पूर्व मंत्री ने आशंका जताई कि अनूप के साथ कोई अनहोनी हो चुकी है। कहा कि कुछ प्रभावशाली लोग उनके कारोबार पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रभावशाली लोगों से उनके परिवार को भी खतरा है। पांडे ने कहा कि वह इस मामले को लेकर जल्द ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व अन्य शीर्ष नेताओं से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
बाली-चीमा के बीच लड़ाई का यह आगाज है, तो अंजाम क्या होगा???. काशीपुर सीट पर कब्जे को लेकर छिड़ा द्वंद


काशीपुर। एकतरफा फैसले लेने के पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा के आरोपों पर महापौर ने आक्रामक रुख अपना लिया है। शुरू हुई इस रार के पीछे काशीपुर सीट बताई जा रही हैं। जिसे लेकर दोनों गुटों के बीच शीत युद्ध तेज होने के आसार दिख रहे हैं। पार्षदों और अन्य संगठनों के समर्थन से उत्साहित महापौर अपने मुद्दों को लेकर लोगों के बीच उतर गए हैं। उनके समर्थक पूर्व विधायक और विधायक से 24 साल का हिसाब मांग रहे हैं। ऐसे में विधायक ने अपने फेसबुक पेज पर विकास कार्यों का उल्लेख करना शुरू कर दिया है।
नगरनिगम चुनाव में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा पार्टी प्रत्याशी दीपक बाली के साथ साथ दिखे। सीएम पुष्कर सिंह धामी के वरदहस्त के चलते चुनाव जीतने के बाद बाली ने जिस तेजी से काम शुरू किए। उससे विधायक समेत काशीपुर के अन्य भाजपा नेताओं की वक़्त कम होने लगी। चर्चा है कि महापौर ने एक एक वार्ड में 4 से लेकर आठ करोड़ तक के काम निकलवा दिए। इससे भाजपा के पार्षदों के साथ ही कांग्रेस के पार्षद भी बाली से प्रभावित नजर आ रहे हैं। पूर्व विधायक चीमा के आरोपों के खिलाफ पार्षदगण जब महापौर के समर्थन में जुटे। तब कांग्रेस के पार्षद भी अपनी पार्टी के निर्देशों की परवाह किए बगैर महापौर को समर्थन देने जा पहुंचे। उनका तर्क था कि वार्डों में काम कराना है तो महापौर के साथ अच्छे संबंध जरूरी हैं। शनिवार को महापौर के समर्थन में जुटे लोगों ने चीमा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए लोगों से माफी मांगने की मांग तक कर डाली। लगे हाथों पिता पुत्र से 25 सालों का हिसाब तक मांगा गया। सूत्र बताते हैं कि यह प्रकरण सीएम धामी के दरबार तक पहुंच गया है। इस छीछालेदर को लेकर सीएम भी नाराज बताए जा रहे हैं। गत दिवस नैनीताल जनपद में आगमन पर सीएम धामी ने काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा से फूल तो पकड़ लिया,लेकिन उनसे निगाह तक नहीं मिलाई। इस लड़ाई में विधायक के राजनैतिक वजूद पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उनके सामने आर पार की लड़ाई का ही रास्ता बचा है। वहीं महापौर भी अपने भविष्य को लेकर आक्रामक है। महापौर बाली ने पद से इस्तीफा की पेशकश कर सहानुभूति कार्ड खेला है। दोनों गुटों के बीच चल रही रस्साकसी से उनके राजनैतिक भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
काशीपुर में अकीदत से मनाई गई ईद उल अजहा
काशीपुर। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में ईद-उल-अजहा का त्यौहार अकीदत के साथ मनाया गया। शनिवार को ईदगाह मैदान पर शहर के इमाम मुफ्ती मुनाजिर हुसैन ने ईद उल अजहा की नमाज अदा कराई। लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलाकर बधाई दी। नमाज के बाद कुर्बानी की रस्म अदा की गई।
सुबह तकरीबन आठ बजे ईदगाह के मैदान पर शहर इमाम मुफ्ती मनाजिर हुसैन ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लोगों ने देश की सलामती की दुआ की। विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के लोगों ने गले मिलकर मुबारकबाद दी। इस मौके पर कोतवाली प्रभारी अमर चंद्र शर्मा, कटोराताल चौकी प्रभारी विपुल जोशी आदि अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। वहीं ईदगाह कमेटी के सदर हसीन खान, पूर्व पालिकाध्यक्ष शमशुद्दीन, आरडी खान, हाजी इबरार, मुजीब एडवोकेट, अजमत खान, शफीक अंसारी, डॉक्टर एमए राहुल, राजा सब्बीर, शमीम अहमद, रहमत अली खान, मेहराज खान, अब्दुल सलीम, माजिद अली, मुशर्रफ हुसैन, राशिद फारूकी, शान खान, अख्तर माहिगीर आदि मौजूद रहे। वहीं शहर की जामा मस्जिद, बाबा भुल्लन शाह, गौसिया, मोती, मदीना, पाकीजा, काज़ीबाग, थानासाबिक गंज व खालसा समेत सभी मस्जिदों में नमाज अता की गई।

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया पौधारोपण

काशीपुर। चन्द्रावती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय काशीपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं स्वीप के बैनर तले “विश्व पर्यावरण दिवस” मनाया। वहां खण्ड शिक्षा अधिकारी धीरेन्द्र कुमार साहू, सुदामा लाल प्रथम जूनियर हाईस्कूल काशीपुर के प्रधानाचार्य सुरेश सिंह, निवार्चन अधिकारी अनिल कुमार, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ0 कीर्ति पन्त व एसो0 प्रोफेसर डॉ0 दीपिका गुड़िया आत्रेय ने वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ0 कीर्ति पन्त ने पर्यावरण संरक्षण जागरूकता हेतु समस्त प्रवक्तागण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को शपथ दिलाई। कहा कि “स्वस्थ पर्यावरण ही मानव जीवन की आधार शिला है। प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए।” महाविद्यालय कर्मचारियों ने रोपित वृक्षों की सुरक्षा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 वन्दना सिंह, एसो0 प्रोफेसर डॉ0 रमा अरोरा, डॉ0 मन्जु सिंह, असि0 प्रोफेसर डॉ0 अंजलि गोस्वामी, डॉ0 ज्योति गोयल, डॉ0 ज्योति रावत, डॉ0 रजना, श्रीमती प्राची धौलाखण्डी, डॉ0 मंगला, श्रीमती शीतल अरोरा, डॉ0 अविनाश कुमार मिश्र, डॉ0 महेश कुमार, कु0 सृष्टि सिंह आदि उपस्थित थे।
साहित्यकार विनोद भगत का कहानी संग्रह दरकते सपने जल्द बाजार में. कई प्रख्यात पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं विनोद की रचनाएं

काशीपुर। हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में कवि एवं साहित्यकार विनोद भगत का खासा योगदान है। उनका कहानी संग्रह दरकते सपने इसी माह प्रकाशित हो रहा है।
मूल रूप से भीमताल निवासी साहित्यकार विनोद भगत यहां कुर्मांचल कॉलोनी में रहते हैं। उनके माता-पिता सरकारी शिक्षक थे। भगत का रुझान शुरू से ही हिंदी साहित्य में रहा। भगत की कहानियां व कविताएं देश की कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। 2013 में उनका पहला काव्य संग्रह ‘पेट की आग’ प्रकाशित हुआ। इस संग्रह में उनकी कविताओं को काफी सराहा गया। उनकी रचनाएं चाहें कविताएं हों या कहानियां आम जनमानस के जीवन की जद्दोजहद पर आधारित होती हैं। उनकी ज्यादातर रचनाएं हिंदी में ही हैं।

हालांकि कुमाऊंनी भाषा में भी उन्होंने साहित्य सृजन किया है। ‘बारिश की एक बूंद’ नाम से उनका दूसरा काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ था। पहाड़ से युवाओं के पलायन पर एक लघु उपन्यास ‘दरकते सपने’ भी हैं। जिसमें 24 कहानियां हैं। फेरीवाला पत्रकार,मौन संत और मुखर सत्ता, श्रद्धा बनाम सेवा, पलायन की टीस, रिश्तों में दरार लाती राजनीति जैसी कहानियां आज के समाज की हकीकत को सामने लाने का हिंदी भाषा और कुमाऊंनी में लिखे गए इस उपन्यास के प्रकाशन से पूर्व ही इसका आरंभिक अंश सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहा। एक अकेली युवती के अभिशापित जीवन पर आधारित उनकी कहानी ‘एक और गुलाबो’ खूब चर्चित रही और पाठकों की ओर से सराही गई। अब उनका कहानी संग्रह दरकते सपने प्रकाशित हो रहा है। जिसमें 24 कहानियां आपको पढ़ने को मिलेगी। काव्य संग्रह फेरीवाला पत्रकार,मौन संत और मुखर सत्ता, श्रद्धा बनाम सेवा, पलायन की टीस, रिश्तों में दरार लाती राजनीति जैसी कहानियां आज के समाज की हकीकत को सामने लाने का सार्थक प्रयास है।
क्या गुड़िया जैसी धाक बरकरार रख पाएंगे दीपक बाली??. वर्चस्व की राजनीति के चक्रव्यूह को कैसे तोड़ेंगे महापौर


आरडी खान
काशीपुर। काशीपुर की राजनीति के पुरोधा रहे सत्येंद्र चंद्र गुड़िया चार दशक तक निर्विवाद और एकछत्र नेता रहे। किसी में भी इतनी जुर्रत नहीं थी कि उनके किसी भी कथन का प्रतिवाद कर सके। चुनाव जीतने के बाद महापौर दीपक बाली भी उसी रौं में दिख रहे हैं। लेकिन उनका वर्चस्व पार्टी के दूसरे नेता सहन नहीं कर पा रहे है। चार माह के अंतराल में ही बाली उनके निशाने पर आ गए हैं।
पूर्व सांसद सत्येंद्र चंद्र गुड़िया का अपने दौर में यूपी और उत्तराखंड की राजनीति में जबरदस्त जलवा था। यह उनकी शख्शियत ही थी कि देरी से आने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री तक को सार्वजनिक रूप से उनके कोप का शिकार होना पड़ा था। व्यवहार में उनका वचन अकाट्य था। सीएम पुष्कर सिंह धामी से अति निकटता के चलते महापौर दीपक बाली भी स्व. गुड़िया की कार्यशैली की झलक देखी जा रही है। बाली के प्रभाव से अफसर उनकी दहलीज पर भी ड्यूटी बजा रहे हैं। उनका हर हुकूम अधिकारियों के सर माथे है। ताबड़तोड़ एक्शन से बाली को छाया सीएम तक कहा जाने लगा है। चर्चा है कि सीएम धामी ने काशीपुर की सीट अपने लिए लॉक कर दी है। फील्ड तैयार करने के लिए बाली को विकास कार्य कराने की खुली छूट दे दी है। बाली अपने संबंधों के बूते सीएम से करोड़ों रुपए की योजनाएं काशीपुर के लिए ले चुके है। काशीपुर सीट पर नो एंट्री के बोर्ड से मौजूदा विधायक समेत अन्य दावेदारों में बैचेनी है। शुरुवाती चार महीनों में नई दुल्हन की तरह भाजपा नेताओं ने महापौर बाली का खूब स्वागत सत्कार किया। लेकिन अब बाली की अति सक्रियता उन्हें खलने लगी है। पार्टी के नेता विकास के मुद्दे पर भले ही बाली का विरोध नहीं कर पा रहे हो, लेकिन नीतिगत फैसलों को लेकर उनका विरोध शुरू हो गया है। वर्चस्व की लड़ाई में राजनीति का समीकरण मेयर चुनाव से पूर्व का बनने लगा है। बाली पर संगठन को भरोसे में न लेने की तोहमत लगाकर नेता उन्हें घेरने में जुट गए है। ऐसे नेताओं का कहना है कि दीपक बाली आरएसएस की पृष्ठ भूमि से न होने के कारण संगठन की रीति नीति से वाकिफ नहीं है। जबकि सरकार के साथ ही संगठन से भी रिश्ते बेहतर होना जरूरी है। जबकि बाली का कहना है कि वो वृहद हित में काम करते है। व्यक्तिगत हितों को वो ज्यादा तरजीह नहीं देते।
एक बात तो साफ है कि अगर पार्टी के भीतर महापौर दीपक बाली का विरोध तेज होता है तो इससे गुटबाजी बढ़ेगी। ऐसे में काशीपुर सीट से सीएम धामी के चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर ग्रहण लग सकता है।
महापौर के एक्शन पर पूर्व विधायक का रिएक्शन. कहा, तस्वीर बदलने से नहीं बदलती तकदीर

काशीपुर। महापौर के एकतरफा ताबड़तोड़ फैसलों से भाजपा नेताओं का अस्तित्व संकट में आ गया है। ऐसे में अब भाजपा नेताओं का धैर्य चूकने लगा है। वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर प्रेस से रु ब रु हुए पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने महापौर दीपक बाली की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया। कहा कि शहर की तस्वीर बदल देने से तकदीर नहीं बदलती। इसके लिए सामूहिक विमर्श से फैसले लेने होते हैं।
पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि शासन स्तर पर होने वाले फैसलों में मेयर बाली दखल दे रहे हैं। शहर के चौराहों के पौराणिक नाम बदलने का उनका प्रयास आम लोगों के गले नहीं उतर रहा है। पुरानी पहचान को बिना कारण मिटाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। कहा कि जब शासन से नाम बदलने के प्रस्ताव अनुमोदित नहीं हुए तो अफसरों की फौज के साथ इन स्थलों 
का भ्रमण करने का क्या आौचित्य है। कहा कि विकास समेत अन्य जरूरी मसलों में मेयर शहर के विधायक से भी मशविरा करना जरूरी नहीं समझते। विदित हो कि महापौर ने चीमा चौराहे समेत कई स्थलों के नाम बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। कहा जा रहा है कि इसके लिए मेयर ने भाजपा नेता और संगठन को विश्वास में नहीं लिया। बगल में बैठे राम मेहरोत्रा, खिलेंद्र चौधरी और गुरविंदर सिंह चंडोक की और इशारा कर पूर्व विधायक चीमा ने कहा कि सरकार और संगठन के प्रतिनिधि यहां बैठे हैं। इन्हीं से पूछ लीजिए कि मेयर साहब ने उनसे किसी मसले में कभी कोई राय ली है। तंजिया लहजे में कहा कि इर्द गिर्द परिक्रमा करने वाले कुछ लोगों को जनता का नाम देना सही नहीं है। कहा कि वह मेयर के एकतरफा निर्णयों से सहमत नहीं है। पूछने पर कि क्या वो सीएम से इस बाबत बात करेंगे। पूर्व विधायक बोले उन्होंने प्रेस में अपनी बात कह दी हैं।



