ब्राह्मण उत्थान महासभा ने की पहलगाम में आतंकी घटना की निंदा

काशीपुर। अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा काशीपुर की बैठक उसकी युवा विंग के जिलाध्यक्ष प० शिवम् शर्मा के कार्यालय पर सम्पन्न हुई
जिसकी अध्यक्षता अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा के प्रदेश महासचिव प० उमेश जोशी एडवोकेट ने की एवं संचालन प० संदीप चतुर्वेदी एडवोकेट महासचिव ने किया। बैठक में पहलगाम में आंतकी हमले की घोर निंदा करते हुए मृतकौ को श्रद्धांजलि दी एवं उनके सम्मान में २ मिनट का मौन रखा गया ।
हमले में घायल हुए लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई।
इस सकंट की घड़ी में पूरा देश एकजुट है और सरकार
से अनुरोध है कि मृतकों को उचित मुआवजा एवं घायलों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाए
अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा काशीपुर महानगर इस हमले की निंदा करती है और सरकार से मांग की जाती है कि हमले के जबाब में कड़ी एवं ठोस जवाबी कार्यवाही करी जाए । शोकसभा में प० उमेश जोशी एडवोकेट,प० पंकज पंत,प० संदीप चतुर्वेदी एडवोकेट,प० मोहन चन्द पपनै,, शुभम् उपाध्याय एडवोकेट, प्रदीप जोशी,राम शर्मा,प० शिवम् शर्मा,भव शर्मा, विवेक शर्मा,दिव्यांश शर्मा, अनन्त शर्मा, यथार्थ आत्रैय,वेंदाश शर्मा,प०प्रभा तिवारी आदि लोग मौजूद थे
पत्रकार दिनेश कौशिक को पितृशोक
जसपुर। वरिष्ठ पत्रकार दिनेश कुमार कौशिक के पिता हरिशंकर कौशिक का काशीपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे।
विगत 7 अप्रैल को घर में फर्श पर फिसल कर गिर गये थे । वह बीएसवी इंटर कालेज से बड़े बाबू के पद से सेवा निवृत्त थे। उनके निधन पर विधायक आदेश सिंह चौहान पूर्व विधायक डॉक्टर शैलेंद्र मोहन सिंघल, बीएसवी इंटर कॉलेज के के प्रबंधक सुभाष चंद्र अग्रवाल,खड़क सिंह चौहान,डॉक्टर एमपी सिंह,दिनेश कुमार शर्मा,बिवुधेश कौशिक आदि गणमान्य व्यक्तियों व स्थानीय पत्रकारों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया । गौरतलब है कि 23 अप्रैल को उनकी पौत्री की शादी होनी थी, जिसे शोक के कारण स्थगित कर दिया गया ।
संपादिका माया कश्यप का निधन, पत्रकारों ने जताया शोक
संपादिका माया कश्यप का निधन, पत्रकारों ने जताया शोक
काशीपुर। हिंदी अखबार निरंकुश भारत की संपादिका श्रीमती माया कश्यप का बीमारी के चलते निधन हो गया। वह लगभग 57 वर्ष की थीं। शुक्रवार दोपहर गंगे बाबा रोड स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मोहल्ला लक्ष्मीपुर पट्टी निवासी माया कश्यप काशीपुर के वरिष्ठ पत्रकार उमेश कश्यप की पत्नी थीं। वह लंबे समय से हिंदी अखबार निरंकुश भारत का संपादन कर रही थीं। माया अपने पीछे पति उमेश, दो पुत्रों अमन एडवोकेट व योगेश और पुत्री शिक्षिका लवी कश्यप को रोता बिलखता छोड़ गई हैं। शमशान घाट पर उनकी पार्थिव देह को उनके पुत्र अमन कश्यप एडवोकेट ने मुखाग्नि दी। 
उनके निधन पर पत्रकारों व अन्य संगठनों के लोगों ने दुख व्यक्त किया है। शोक जताने वालों में छावनी स्कूल के प्रधानाचार्य प्रदीप सपरा, कांग्रेस नेता जितेंद्र सरस्वती, नरपत सिंह राजपूत, डॉक्टर एमए राहुल, पत्रकार आरडी खान, नवीन अरोड़ा, जयपाल अहेरिया, सावित्री देवी आदि तमाम लोग मौजूद थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश को पितृ शोक… मृत्यु के बाद भी दुनियां को देखती रहेंगी पोशाकी लाल की आँखें

काशीपुर। काशीपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश के पिताजी पोशाक लाल जी का लंबी बीमारी के बाद आज निधन हो गया उनके निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
बुधवार सायं 5 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों एवं जनप्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। पोशाकी लाल के देहावसान के पश्चात उनके पुत्र एडवोकेट संजीव कुमार आकाश व पौत्र आर्यन ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। पोशाकी लाल जी की मृत्यु के बाद भी अब उनकी आंखें दुनिया देखती रहेगीं। उनके नेत्रदान से दो नेत्रहीनों के नेत्र प्रकाशित होंगे और उनके प्रिय जन उनकी स्मृति को अमरत्व प्रदान करेंगे। वसुधैव कुटुम्बकम के दायित्वधारियों की देखरेख में मुरादाबाद आई/नेत्र विभाग की टीम ने कागजी औपचारिकता पूरी कर ब्रह्मलीन पोशाकी लाल जी के शरीर से दान की गई आंखें (कॉर्निया) प्राप्त कीं। वसुधैव कुटुम्बकम् के नेत्रदान प्रकल्प संयोजक सीए सचिन कुमार अग्रवाल ने बताया कि वसुधैव कुटुम्बकम् क्षेत्र के लोगों में नेत्रदान हेतु जागृति लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि नेत्रदान के दौरान उनकी पूरी आंख निकाल दी जाती है, जिससे आंख का सॉकेट खाली रहता है, जो सच नहीं है। आमतौर पर केवल कॉर्निया जो आंख की सबसे बाहरी पर्त होती है, बहुत धीरे से निकाली जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि नेत्रदान के लिए जीवित रहते हुए नेत्रदान की कोई घोषणा न करने पर भी किसी के गोलोक गमन के उपरांत भी परिवार जनों की सहमति होने पर भी नेत्रदान हो सकता है।

संस्था के संस्थापक सदस्य अनुज सिंघल ने बताया कि नेत्रदान करने से किसी प्रकार का देह भंग नही होता है। भारत में कॉर्नियल अंधेपन से पीड़ित लोगों की संख्या करीब 1.2 मिलियन है। यह अंधेपन का दूसरा सबसे आम कारण है। हर साल करीब 20,000 से 25,000 नए मामले सामने आते हैं। नेत्रदान करने से ऐसे लोगो को रोशनी मिल सकती है। काशीपुर बार एसोसिएशन ने पोशाकी लाल के निधन पर शोक जताया है। शोक व्यक्त करने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश चौबे,उपाध्यक्ष अनूप शर्मा, सचिव नृपेंद्र कुमार चौधरी उपसचिव सूरज कुमार, मनोज जोशी, राजाराम, साधु सिंह, हरी सिंह नेगी,पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र तुली, विपिन कुमार अग्रवाल, सुरेन्द्र सक्सेना, रामकुवर चौहान, सौरभ शर्मा, हिमांशु बिश्नोई, सतपाल बल, दुष्यंत चौहान,कामिनी श्रीवास्तव अविनाश कुमार,अमित गुप्ता अमृत पाल सिंह नरदेव सैनी विवेक मिश्रा महावीर सिंह रोहित नायक शेर सिंह बाजवा रणजीत सिंह सुरेंद्र पाल सिंह मुनिदेव विश्नोई,भास्कर त्यागी रिषभ समर्थ विक्रम पंकुल गुप्ता सुन्दर सिंह कैलाश कुमार प्रशांत रावत विष्णु भटनागर मनेश अग्रवाल आदि पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।
अधिवक्ता कामरेड केएन पंत का निधन, सर्वत्र शोक ….बेटों ने नेत्रदान की सहमति देकर पेश की अनूठी मिसाल

काशीपुर। प्रतिष्ठित अधिवक्ता कामरेड केएन पंत का आकस्मिक निधन हो गया। सामाजिक क्षेत्र में उनकी खासी ख्याति थी। लंबे समय तक उन्होंने मजदूर आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनके देहावसान के बाद वसुधैव कुटुम्बकम् के माध्यम से उनके सुपुत्र डॉ.प्रदीप पंत व डॉ. प्रभात पंत ने उनके नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की। उनके नेत्रदान से दो नेत्रहीनों के नेत्र प्रकाशित होंगे और उनके प्रियजन उनकी स्मृति को अमरत्व प्रदान करेंगे।
टीचर्स कॉलोनी निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता केएन पंत स्वयं समाज सेवा व धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि रखते थे। गुरुवार को उनका निधन हो गया। वसुधैव कुटुम्बकम् के सचिव प्रियांशु बंसल ने बताया कि वसुधैव कुटुम्बकम् क्षेत्र के लोगो में नेत्रदान हेतु जागृति लाने के लिए प्रयासरत है। अधिवक्ता केएन पंत के नेत्रदान में समाजसेवी बालकृष्ण एवं क्षेत्र के वरिष्ठ अध्यापक पंकज पंत का विशेष सहयोग रहा। उनके निधन पर नैनीताल, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर व जसपुर के अधिवक्ताओं ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। 
दया जोशी एनयूजे उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष बनी

हल्द्वानी। नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (एनयूजे) का राज्यस्तरीय द्विवार्षिक महाधिवेशन हल्द्वानी में संपन्न हो गया। इस दौरान नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया। बागेश्वर जिले के दो मीडिया कर्मियों को कार्यकारिणी में अहम जिम्मेदारी मिली है। नई कार्यकारिणी ने संगठन की मजबूती और पत्रकारों की समस्याओं के निदान के लिए प्राथमिकता से कार्य करने का संकल्प लिया। कटघरिया के एक बैंकट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शनिवार की शाम संगठन के अध्यक्ष त्रिलोक चंद्र भट्ट ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग करते हुए नई कार्यकारिणी की चयन प्रक्रिया शुरू की। सर्वप्रथम विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों के बीच से 19 प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। चयनित सदस्यों के बीच से पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। महासचिव और सचिव को छोड़कर शेष सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए। प्रदेश कार्यकारिणी में दया जोशी को अध्यक्ष, बागेश्वर के दीपक पाठक और हरिद्वार के सुशील शर्मा को उपाध्यक्ष और हरिद्वार के हरपाल सिंह को निर्विरोध कोषाध्यक्ष चुना गया।
महासचिव पद पर हुए चुनाव में अल्मोड़ा के गोपाल दत्त गुरुरानी ने देहरादून के अरुण कुमार मोगा को 14 वोटों से हराया। कार्यकारिणी में दो सचिव चयनित होने थे, सचिव पद के लिए बागेश्वर के जगदीश उपाध्याय, पौड़ी के पुष्पेंद्र राणा और हरिद्वार के प्रमोद पाल के बीच चुनाव हुआ, जिसमें 16 मत लाकर जगदीश और 15 मत लाकर पुष्पेंद्र सचिव बने, प्रमोद को पांच मत मिले। इसके अलावा कार्यकारिणी में दो संगठन मंत्री चंपावत से गिरीश बिष्ट, अल्मोड़ा से कैलाश भट्ट और दो प्रचार मंत्री चंपावत के 
बाबा आदित्यनाथ, जसपुर के समीर परवेज भी निर्विरोध बने। नौ कार्यकारिणी सदस्यों में बागेश्वर जिले से संजय साह जगाती भी शामिल हैं। रविवार को सभी चयनित पदाधिकारियों का मल्यार्पण कर स्वागत किया गया और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर गजराज सिंह बिष्ट, विशिष्ट अतिथि विधायक लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री दिनेश आर्य, राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार गणेश पाठक रहे। इस मौके पर नैनीताल के जिला अध्यक्ष धर्मानंद खोलिया, महासचिव ईश्वरी दत्त भट्ट के अलावा सभी जिलों से आए मीडियाकर्मी मौजूद रहे।
स्तन कैंसर जागरूकता के लिए हुआ महिला क्रिकेट. चिकित्सा व सामाजिक क्षेत्र की कई हस्तियों को किया सम्मानित
स्तन कैंसर जागरूकता के लिए हुआ महिला क्रिकेट
चिकित्सा व सामाजिक क्षेत्र की कई हस्तियों को किया सम्मानित
काशीपुर। युवराज सिंह फाउंडेशन ने स्तन कैंसर जागरूकता के लिए संस्कृति रिजॉर्ट्स में महिला क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया।
डॉ रितिका सिंह और जूबी आहलुवालिया द्वारा यूवीकैन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध डॉक्टर, हितधारक और आशा कार्यकर्ताओ ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहोता, उजाला हॉस्पिटल काशीपुर के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ शलभ अरोड़ा व उजाला अस्पताल की जनरल फिजिशियन एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ मनु महाजन उपस्थित रही। इस मौके पर आयोजित सम्मान समारोह में डॉ ईला मेहरोत्रा, डॉ संध्या सिंह, डॉ सौरभ शर्मा, डॉ सौरभ राजपूत, सुनील कुमार चौहान, चक्रेश जैन, राजीव घई और डॉ नवप्रीत सहोता को सम्मानित किया गया।
महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में टीमों ने उत्साही भागीदारी की। यह टूर्नामेंट स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और खेल के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का एक मंच था।
कार्यक्रम का समापन डॉ मनु महाजन ने किया। आयोजकों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अतिथियों, हितधारकों और प्रतिभागियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
स्टंप कैंसर के प्रति जागरूकता,,,
स्टंप कैंसर युवराज सिंह फाउंडेशन की एक पहल है जो महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के माध्यम से स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता और समर्थन बढ़ाने का उद्देश्य रखती है। यह कार्यक्रम फाउंडेशन की समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रिकॉर्ड 2635 मतों से जीते वार्ड नंबर तीन के पार्षद अनिल कुमार. लगातार 15 सालों से जसपुरखुर्द में है इसी परिवार का राज
काशीपुर। काशीपुर के वार्ड नंबर 3 कृष्णा जसपुर खुर्द से भाजपा प्रत्याशी अनिल कुमार ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है।इस बार उधमसिंहनगर जिले में उनकी सबसे बड़ी जीत हुई है। भाजपा प्रत्याशी अनिल कुमार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के महेंद्र सिंह को 2635 वोटों से पराजित कर इतिहास रचा है। भाजपा प्रत्याशी अनिल कुमार को 3429 वोट,

कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह को 794 वोट, निर्दलीय मनीष कुमार को 119 वोट, जबकि 13 वोट नोटा को मिले हैं। साथ ही 200 वोट निरस्त हुए हैं। अनिल कुमार की जीत उधमसिंहनगर जिले में सबसे बड़ी जीत है। उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में भी अनिल कुमार ने भारी वोटों से जीत दर्ज की थी। सामाजिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से जुड़े अनिल कुमार के पिता स्व. बाबूराम जी क्षेत्र में समाजसेवा का पर्याय माने जाते थे। उनके बड़े भाई एडवोकेट आनंद कुमार प्रधान पद को सुशोभित करते हुए समाजसेवा के पथ पर लगातार अग्रसर हैं। पूर्व में नगर निगम के पार्षद संघ अध्यक्ष रहे अनिल कुमार ने इस चुनाव में नामांकन दाखिल किया तो जनता ने उन्हें पलकों पर बिठाते हुए चुनाव प्रचार में भारी सहयोग और समर्थन किया। इस तरह अनिल कुमार की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी। बैलेट बॉक्स खुले तो अनिल ही छाये रहे। इससे समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा संगठन एवं अपने वार्ड के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए नवनिर्वाचित पार्षद अनिल कुमार ने कहा कि वे वार्ड के विकास एवं वार्डवासियों की समस्याओं के निस्तारण को सदैव कृतसंकल्पित रहेंगे। वहीं उनके भाई पूर्व प्रधान एडवोकेट आनंद कुमार ने कहा कि उनका साथ देती जनता ने विकास की राह को चुना है। उन्होंने वार्ड की जनता और भाजपा संगठन का आभार व्यक्त किया है। उनकी इस रिकॉर्ड जीत पर उत्तराखंड करंट के प्रधान संपादक आरडी खान,वरिष्ठ पत्रकार सुरेश शर्मा, पड़ा विकास अग्निहोत्री, अमरपाल सिंह,बनवारी लाल, जितेंद्र, बलराम, मलखान सिंह आदि ने बधाई दी है। 
सहगल के मुकाबले तीन गुना तेज दौड़े सीएम धामी.. सहगल ने 153 मिनट लगाए तो सीएम धामी ने महज 51 मिनट में लांघ दिया बाजार

काशीपुर। मुख्य बाजार में जनसंपर्क करने निकले कांग्रेस मेयर प्रत्याशी संदीप सहगल एड. स्पीड के मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी से पिछड़ गए। सहगल को किला बाजार से एमपी चौक की दूरी तय करने में जहां 153 मिनट लगे, वहीं धामी ने महज 51 मिनट में ही भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्य बाजार में रैली निकाली। सीएम दोपहर 2.50 बजे किला बाजार पहुंचे और 3.41 पर एमपी चौक पर रैली संपन्न हो गई। कुल 51 मिनट तक सीएम बाजार में रहे। जबकि इसी दूरी को तय करने में संदीप को 153 मिनट लगे। वो पैदल ही हर व्यापारी की दुकान पर गए, लोगों का अभिवादन स्वीकार किया, मिठाई खाई।
आशीर्वाद रैली में महिलाओं की खासी भागीदारी रही। सहगल ने भाजपा पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर की शांति प्रिय जनता विपक्षियों के हथकंडों से खूब वाकिफ है। इस चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित है। सहगल ने कहा कि उन्हें मिल रहे अभूतपूर्व जन समर्थन से विरोधी दल के मेयर प्रत्याशी बुरी तरह बौखला गए हैं।
वो उनके खिलाफ मोर्चाबंदी कर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। यात्रा से पूर्व सहगल ने आराध्यों के मंदिरों में पूजा-अर्चना की। आशीर्वाद यात्रा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक आदेश चौहान, हरेंद्र सिंह लाडी, बीना मेहरोत्रा, अनुपम शर्मा, एनसी बाबा, अलका पाल, दीपिका गुड़िया, अरुण चौहान, गौतम मेहरोत्रा, इंदुमान, विमल गुड़िया, अजीता शर्मा, अब्दुल सलीम, विकल्प गुड़िया, महेंद्र बेदी, उमेश जोशी, इंदर सिंह एडवोकेट, अनित मारकंडे, अपूर्व मेहरोत्रा, मनोज अग्रवाल, माजिद अली, सरित चतुर्वेदी, सतवीर सिंह, पूजा सिंह, मीनू सहगल, लता शर्मा, गीता टंडन, दिव्या, अनमोल, संगीता गुप्ता, रीना अग्रवाल, शालिनी, रेनू अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
..तो किसके इशारे पर संदीप के पक्ष में उतरे डुप्लीकेट देवानंद. पिछले चुनावों तक भाजपा का प्रचार करते रहे है किशोर भानुशाली

काशीपुर। पिछले चुनावों तक भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए आते रहे डुप्लीकेट देवानंद किशोर भानुशाली आखिर किसके इशारे पर मेयर के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी संदीप सहगल के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए उतरे हैं। इसके पीछे काशीपुर की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले उद्यमी अनूप अग्रवाल का इशारा माना जा रहा है।

डुप्लीकेट देवानंद किशोर भानुशाली काशीपुर के उद्यमी एवं पूर्व भाजपा नेता अनूप अग्रवाल के बेहद करीबी बताए जाते हैं। उषा चौधरी जब भाजपा से मेयर का चुनाव लड़ी तो किशोर भानुशाली ने उनके पक्ष में प्रचार किया। चुनाव के दौरान भानुशाली को अक्सर अनूप ही काशीपुर लेकर आते थे। हत्या के प्रयास व रंगदारी का केस दर्ज होने के बाद से अनूप अग्रवाल का काशीपुर की राजनीति में उनका कोई प्रत्यक्ष दखल नहीं है। वह अक्सर काशीपुर से बाहर ही रहते हैं।

लेकिन उनके करीबी भानुशाली की कांग्रेस में सक्रियता को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। राजनीतिक लोगों में चर्चा है कि अनूप के इशारे पर ही किशोर भानुशाली कांग्रेस प्रत्याशी संदीप सहगल के पक्ष में चुनाव प्रचार करने आए हैं। इसे अनूप और उनके समर्थकों का संदीप के पक्ष में मौन समर्थन भी माना जा रहा है।







