पार्किंग के लिए एलाट हुआ नैनीताल का मेट्रोपोल परिसर. गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को किया अस्थाई आवंटन

नैनीताल। नैनीताल में पार्किंग की समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय से उत्तराखंड सरकार को पत्र द्वारा यह जानकारी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैनीताल में पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए नैनीताल में शत्रु संपत्ति मैट्रोपोल होटल परिसर के खुले स्थान को पार्किंग हेतु अस्थायी रूप से आवंटित करने का अनुरोध किया था। गृह मंत्रालय ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते कर लिया है। यह परिसर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पार्किंग के रूप में उपयोग लाया जा सकता है। इससे नैनीताल आने वाले पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। पार्किंग की बढ़ती समस्या से निजात मिलने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा। मुख्यमंत्री धामी ने इस निर्णय के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया है।

अभद्रता करने और भूमि पर कब्जे की कोशिश करने पर सैकड़ों लोगों के खिलाफ केस. भीड़ पर परिजनों के साथ मारपीट करने का आरोप

काशीपुर। भूमि पर कब्जे की कोशिश करने व अभद्रता करने के मामले में समुदाय विशेष के 17 लोगों को नामजद करते हुए 400- 500 अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
आईटीआई थाना पुलिस को दी तहरीर में गिरीताल कालोनी निवासी उदित अग्रवाल ने कहा है कि 23 मई 2025 को रात्रि 9:30 बजे वह और उसका परिवार अपनी जसपुर खुर्द में कुंडेश्वरी रोड स्थित भूमि पर बोरिंग करवा रहा था। इसी दौरान अली हसन, नूर हसन, वाजिद, आविद हुसैन, वसिम हसन, आसिम पहलवान, आसिम चिकना,इंतजार हुसैन, अकरम, शेर अली, जुल्फिकार अयान, गुलफाम्, आलिया, नजकात उर्फ दूंदी, नफीस चक्कीचाले आदि लगभग 400-500 लोगों की भीड़ उसकी भूमि पर पहुंच गए और कहने लगे यह जमीन तो वक्फ बोर्ड की है। हम इस भूमि को किसी को नहीं देगें, और ना ही कोई काम करने देगें। यह कहते हुए भीड ने उसकी भूमि पर रखा हुआ, सामान कुर्सी आदि तोड दी और बोरिंग के पाईप और नैट भी उखाड़ दिए। आरोपियों ने उसके साथ धक्का मुक्का की तथा थप्पड घूसो से मारा और जान से मारने की धमकी भी दी। तहरीर पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

शराब की भट्टी के साथ पकड़े गए आरोपी का रिमांड नामंजूर. विवेचक ने फ़र्द में स्पष्ट नहीं किया था गिरफ्तारी का कारण


काशीपुर। गिरफ्तारी का कोई कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण कोर्ट ने आबकारी एक्ट के आरोपी का रिमांड अस्वीकार कर दिया है। अदालत ने आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए हैं।
एक सूचना के आधार पर कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी चंदन सिंह बिष्ट, एसआई संतोष देवरानी समेत पुलिस टीम ने रम स्थित टावर के पास दबिश देकर वहां अवैध शराब बना रहे राजवीर सिंह पुत्र छत्रपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से शराब बनाने के उपकरण और 50 लीटर अवैध शराब बरामद की थी। केस के विवेचक एसआई. जयप्रकाश ने आरोपी को एसीजेएम कोर्ट में पेश कर उसके 14 दिन का जूडिशियल रिमांड मांगा। आरोपी के अधिवक्ता संजय रुहेला ने यह कहते हुए रिमांड का विरोध किया कि विवेचक ने आरोपी की गिरफ्तारी का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। विवेचक ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 35(1) ख के प्राविधानों का पूर्ण रूप से अनुपालन नहीं किया है। जिस कारण न्यायिक रिमांड दिए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। दोनों पक्षों को सुनकर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार ने रिमांड अस्वीकार कर अभियुक्त राजवीर सिंह को अविलंब रिहा करने के आदेश दिए हैं।

कर्नल दर्पण कुमार केएमएम के एमडी नियुक्त


काशीपुर। भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल दर्पण कुमार सिंह को केएमएस. ट्रेडर्स एंड कंसल्टेंसी का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
कर्नल दर्पण कुमार सिंह डी नोबिली स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल , राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) पुणे,इंडियन मिलिट्री अकेडमी, देहरादून से शिक्षा प्राप्त कर वे एक पूर्णतः पेशेवर सैन्य अधिकारी बने जो सदैव अग्रिम पंक्ति से नेतृत्व करते हैं। उनके परिवार में प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग, चिकित्सा, राजनीति ,जुडिशल से जुड़े संबंधी शामिल हैं। वे अपने परिवार से एक पहले पीढ़ी के सेना अधिकारी हैं जिन्होंने राष्ट्र को समर्पित सैन्य जीवन को चुना।
कर्नल दर्पण कुमार सिंह का 27 सालों का सैन्य करियर विविध अनुभवों से भरा रहा है, जिनमें जम्मू-कश्मीर की बर्फीली पहाड़ियाँ, राजस्थान के रेगिस्तान, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश,मणिपुर और असम के जंगल शामिल हैं। उनके बटालियन के साथ उल्लेखनीय अभियानों में कारगिल युद्ध, संसद हमले के दौरान जैसलमेर सीमा पर तैनाती, बालाकोट एयर स्ट्राइक और पुलवामा हमला शामिल हैं। वे छोटे और भारी हथियारों के उपयोग एवं सैन्य रणनीति में दक्ष होने के साथ-साथ, जिन इलाकों में उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में कार्य किया, वहाँ के लोगों का विश्वास तथा दिल भी जीतने में सफल रहे हैं।
के.एम.एस. ट्रेडर्स एंड कंसल्टेंसी प्रा. लि. वीर कर्नल दर्पण कुमार सिंह का महा निर्देशक , मैनेजिंग डायरेक्टर,पद पर नियुक्ति के अवसर पर कंपनी उनको मुबारक बाद देती है। कंपनी को उन पर गर्व है और पूर्ण विश्वास है कि उनके पेशेवर अनुभव से संस्था कोअग्रणी राष्ट्रीय कंपनी बनने की दिशा में आवश्यक प्रेरणा और गति मिलेगी।

दूल्हे ने मांग ली चारपाई, तो भड़क उठा दुल्हन का पिता. बेटी को विदा करने से किया इंकार, पुलिस भी नहीं करा पाई समझौता


अमेठी। आराम करने के लिए दूल्हे के चारपाई मांगने पर ससुर इस कदर भड़क गए कि बेटी को विदा करने से ही साफ इंकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर मामला थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस के समझाने पर भी कोई नतीजा नहीं निकला। आखिरकार दूल्हे को बगैर दुल्हन के ही लौटना पड़ा।
मामला अमेठी बाजार शुकुल क्षेत्र के जौदिल मऊ गांव का है। सोहनलाल रैदास की बेटी निशा की शादी भाले सुल्तान शहीद स्मारक क्षेत्र के शादीपुर गांव निवासी तिलक राम से तय हुई थी। शुक्रवार, 23 मई को धूमधाम के साथ बरात गांव पहुंची। घरातियों ने बरातियों का स्वागत किया। द्वारपूजा समेत सभी वैवाहिक रस्में मंगल गीतों के बीच संपन्न हुईं। विवाह की रस्में पूरी होने के बाद दूल्हा तिलकराम ने ससुर से कुछ देर आराम करने के लिए चारपाई मांग ली। इस पर ससुर सोहनलाल नाराज हो गए। मामूली सी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि सोहनलाल ने बेटी की विदाई करने से इंकार कर दिया। रिश्तेदारों ने मामले को शांत कराने और विदाई करवाने की भरसक कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।

काशीपुर में हाउस टैक्स से होने वाले बैनामों पर लगी रोक . अधिवक्ताओं ने ज्ञापन देकर पूर्ववत रजिस्ट्रियां करने की रखी मांग


काशीपुर। नगर निगम के अभिलेखों के आधार पर अब संपत्तियों की बैनामे नहीं हो सकेंगे। जिलाधिकारी ने उपनिबंधक को केवल खतौनियों के आधार ही दस्तावेजों का पंजीकरण करने के आदेश दिए हैं।
इसे लेकर अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उप निबंधक से मिला। उन्होंने ज्ञापन देकर विलेखों का पंजीकरण पूर्व की भांति किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि निगम क्षेत्र की भूमि आबादी में आती है। इन संपत्तियों का दाखिल खारिज निगम के कार्यालयों में ही होता है। खतौनिया न होने के कारण शहरी क्षेत्र की संपत्तियों का रिकॉर्ड तहसील में उपलब्ध नहीं हो पाता। इस स्थिति में निगम क्षेत्र की संपत्तियों की रजिस्ट्रियां नहीं हो पाएगी। अधिवक्ताओं ने हाउस टैक्स के आधार पर संपत्तियों की रजिस्ट्रियां करने की मांग रखी। साथ ही कहा कि जिन नंबरों की रजिस्ट्रियां विकास प्राधिकरण की आपत्ति पर रोकी गई है। उन नंबरों की रजिस्ट्रियां भी की जाएं। क्योंकि इन नंबरों की रजिस्ट्रियों पर अदालत की कोई रोक नहीं है।

आबादी से इतर स्थापित हो स्टोन क्रशर जोन. याचिका पर हाईकोर्ट ने खनन सचिव को दिए निर्देश


नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सचिव खनन से कहा है कि जगह जगह स्टोन क्रशर खोलने के बजाय इनके लिए आबादी से दूर अलग जोन स्थापित किए जाएं। हाईकोर्ट ने सचिव से छह सप्ताह के भीतर शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में स्टोन क्रशर जोन के संबंध में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा, अग्रिम आदेशों तक कोई भी नया स्टोन क्रशर स्थापित न हो।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने एक याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश यह दिए।
देहरादून के फतेह टांडा गांव निवासी महेंद्र सिंह व अन्य ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी खेती की भूमि के पास स्टोन क्रशर लगे हैं, जिससे उनकी खेती की उपज प्रभावित हो रही है। याचिका में कहा कि उनकी सिंचाई की गूल भी क्रशर द्वारा कब्जा ली गई है। स्टोन क्रशर से भारी प्रदूषण हो रहा है। याचिका में ग्रामीणों की आजीविका और स्वास्थ्य को देखते हुए क्रशर का संचालन बंद करने की मांग की गई है। कोर्ट ने पूर्व में जारी हाईकोर्ट के आदेशों और केंद्रीय नियंत्रण प्रदूषण बोर्ड की गाइडलाइन को देखते हुए सचिव खनन को आदेशित किया कि गांव-गांव में स्टोन क्रशर खोलने के बजाय स्टोन क्रशरों के लिए अलग जोन स्थापित किए जाएं, जिन्हें आबादी से दूर रखा जाए।

झूठी शादी रजिस्टर्ड कराने वाली अधिवक्ता समेत पांच के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश . युवक के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने दिए आदेश


काशीपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी से विवाह पंजीकृत कराने के आरोप में महिला अधिवक्ता समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
ग्राम लालपुर, कुंडा निवासी सचिन कुमार पुत्र महावीर सिंह ने अपने अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश के माध्यम से एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि 08 अप्रैल,2024 को वह काशीपुर के लॉ कॉलेज जा रहा था। आकांक्षा गार्डन के पास थाना ठाकुद्वारा मुरादाबाद निवासी प्रिंसी, उसके पिता राजेंद्र सिंह, दो भाई अजय व अक्षय आदि जबरदस्ती दबाव बनाकर उसे ठाकुरद्वारा ले गए। जहां उन्होंने अधिवक्ता शशिवाला के कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर उसका विवाह पंजीकृत करा दिया। उसने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत विवाह पंजीकरण में लगे दस्तावेजों के बारे में सूचना मांगी तो पता लगा कि विवाह में पंडित की भूमिका निभाने वाला पंडित बाइक मैकेनिक है और रिश्ते में उसके चाचा हैं। इन लोगों ने उसकी झूठी शादी पंजीकृत कराकर धोखाधड़ी की है। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर अदालत ने पुलिस को पांचों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

कोविड को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर . बाहरी राज्यों से आने वालों की निगरानी तेज

देहरादून। कोविड को लेकर उत्तराखंड में भी सिस्टम अलर्ट कर दिया गया है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है। चार धाम यात्रा के चलते विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
कुछ राज्यों में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से उत्तराखंड सरकार भी सतर्क हो गई हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) व एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) की ओर से कोविड रोकथाम के लिए राज्य को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने को कहा है।
कुछ दिनों से महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस समय प्रदेश में चारधाम यात्रा संचालित होने के साथ पर्यटन सीजन भी है। यात्रा में सबसे अधिक तीर्थयात्री इन्हीं राज्यों से आ रहे हैं। इसके अलावा दुनिया के हर कोने से लोग यात्रा में पहुंच रहे हैं। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कोविड प्रबंधन और रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

27 मई से तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे लेखपाल. संसाधन उपलब्ध न कराने से फूटा लेखपालों का गुस्सा

काशीपुर। संसाधनों के अभाव से जूझ रहे लेखपालों ने 27 मई से 29 मई तक प्रदेशव्यापी सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार व धरना शुरू करने का निर्णय लिया है। ऐसे में तहसीलों का काम काज प्रभावित हो सकता है।
संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मैदानी लेखपालों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। जनसंख्या बढ़ने से लेखपाल के बस्ते का बोझ भी लगातार बढ़ता चला गया, लेकिन सरकार लेखपालों को पर्याप्त मानव तकनीकी संसाधन उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं।
उत्तराखंड लेखपाल संघ के प्रदेश महामंत्री ताराचन्द्र घिल्डियाल ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि राजस्व उपनिरीक्षकों पर एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों की ओर से अनावश्यक दवाब बनाया जा रहा है। जबकि मैदानी जनपदों में भूमि की खरीद फरोख्त ज्यादा होने से अधिकांश खतौनी खाते संयुक्त और जटिल है। लेखपाल पूर्ण मनोयोग से सीमित संसाधनों के साथ अंश निर्धारण व फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य कर रहे है। राजस्व उपनिरीक्षकों को पर्याप्त मानव व तकनीकी संसाधन उपलब्ध नही कराये जाने की दशा में उत्तराखंड लेखपाल संघ की ओर से 27 मई से 29 मई तक प्रदेशव्यापी सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार व धरना शुरू कर दिया जायेगा। 29 मई को अग्रिम रणनीति तैयार की जायेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मदारी उत्तराखण्ड शासन तथा राजस्व परिषद की रहेगी।